कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कानून व्यवस्था को लेकर खड़े किए सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि राज्य में बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने उत्तराखंड को झकझोर दिया है। उन्होंने कहा, जिस तरह से एक के बाद एक घटनाएं हो रही हैं। उससे स्पष्ट है कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है।
कांग्रेस भवन में मीडिया से वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून का राज ध्वस्त हो चुका है लेकिन मुख्यमंत्री को नफरत फैलाने से फुरसत नहीं है। कहा कि मुख्यमंत्री का एक ही काम रह गया है, खुद काले कारनामे करो और काले कपड़े विरोधी पार्टी को पहना दो। लेकिन ये अब नहीं चलेगा। गोदियाल ने कहा कि पुलिस प्रशासन की ओर से बताया जा रहा है कि सिल्वर सिटी में जिस व्यक्ति की हत्या की गई है वह झारखंड का रहने वाला है और उसके ऊपर पहले से 50 मुकदमे चल रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री बताएं कि आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों को बिना जांच पड़ताल के उनकी सरकार ने यहां खनन का पट्टा किस आधार पर दिया। कहा कि धामी सरकार बताएं कि बाहरी लोगों को उत्तराखंड की आबों हवा खराब करने के लिए और संसाधन लूटने के लिए क्यों प्राथमिकता दे रहे है ?
उन्होंने बताया, एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड से हर साल 1200 से अधिक बच्चे लापता हो रहे हैं। महिला अपराध के मामलों में उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में चिंताजनक स्थिति में पहुंच चुका है। सवाल यह है कि क्या अपराधियों में कानून का कोई भय नहीं है। सरकार का आईपीएस अधिकारियों के तबादले करना मात्र एक प्रशासनिक औपचारिकता है। तबादलों से व्यवस्था नहीं सुधरती, राजनीतिक इच्छाशक्ति से सुधरती है। जब सरकार का पूरा ध्यान डेमोग्राफी, धर्मांतरण जैसे भटकाने वाले मुद्दों पर होगा, तब अपराधियों के हौसले बुलंद होना स्वाभाविक है।