वहीं रेलवे विभाग की गंभीरता पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि घटना के करीब ढाई घंटे बाद तक कोई भी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जीआरपी के जवानों को काफी मशक्कत करनी पड़ी और लोगों को ट्रैक से हटाया गया। फिलहाल रेलवे की ओर से जांच की बात कही जा रही है।