मुनि की रेती और तपोवन क्षेत्र में पर्यटन कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। स्थानीय स्तर पर करीब 1000 छोटे-बड़े होटल और होमस्टे संचालित होने का दावा है, जबकि पर्यटन विभाग के रिकॉर्ड में केवल 500 से 600 प्रतिष्ठान पंजीकृत बताए जा रहे हैं। संख्या और पंजीकरण में अंतर को लेकर क्षेत्र में बढ़ती संदिग्ध गतिविधियों पर सवाल उठ रहे हैं।
राफ्टिंग, योग, एडवेंचर गतिविधियों और गंगा दर्शन के लिए देश-विदेश से सालभर पर्यटक यहां पहुंचते हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या के साथ होटल और होमस्टे कारोबार में भी उछाल आया है। मुख्य मार्गों से लेकर अंदरूनी गलियों तक कई आवासीय भवनों को व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बदलकर पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था किए जाने की बात सामने आ रही है।
भवन-दर-भवन जांच की मांग
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मुख्य मार्गों के साथ अंदरूनी गलियों और आवासीय क्षेत्रों में भवन-दर-भवन जांच की मांग की है। इसमें पंजीकरण, सुरक्षा मानकों, पर्यटकों के सत्यापन और रिकॉर्ड की जांच शामिल करने की मांग की गई है। उनका कहना है कि इससे अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के साथ बढ़ते पर्यटन कारोबार को भी व्यवस्थित किया जा सकेगा।
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- मुनि की रेती और तपोवन क्षेत्र में वर्तमान में 500 से 600 होटल और होमस्टे ही पंजीकृत हैं। होटल व होमस्टे पंजीकरण प्रक्रिया और गतिविधियों पर पूरी नजर रखी जा रही है।
-सोबत सिंह राणा, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, टिहरी