अस्पातल प्रशासन की सूचना के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है। महिला ने अस्पताल में फर्जी नंबर लिखाया था। नंबर मेरठ के किसी व्यक्ति का है, जो महिला को नहीं जानता है।
- यशपाल सिंह बिष्ट प्रभारी निरीक्षक।
पहचान संबंधी दस्तावेज पूरे न होने पर किसी को उपचार के लिए मना नहीं किया जा सकता है। महिला प्रसव पीड़ा में थी, इसलिए उसे तत्काल भर्ती कर दिया गया था। नवजात का वजन काफी कम (1 किलो 700 ग्राम)था, नवजात की आंतों में भी इंफेक्शन था।
- डॉ. आनंद सिंह राणा, सीएमएस राजकीय उपजिला चिकित्सालय।