डॉ. रूबी ने बताया कि मांझे से मरीज की गर्दन काफी गहरी कट गई थी। जिससे उसकी खाने की नली, सांस नली के साथ ही हृदय से मस्तिष्क में रक्त आपूर्ति करने वाली दाहिनी तरफ की कोशिकाएं पूरी तरह से कट चुकी थीं। काफी रक्त भी बह चुका था।
डाॅ. रूबी ने बताया कि सफल सर्जरी के बाद नरेश को सात दिन तक वेंटिलेटर पर आईसीयू में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। उसके बाद मरीज सामान्य रूप से भोजन व सांस ले रहा है। उसे बोलने में भी कोई परेशानी नहीं है।