हिंदू संस्कृति को बचाने में महत्वपूर्ण योगदान
अमित शाह ने कहा कि आजादी के बाद हिंदू संस्कृति पर उस समय अंक प्रकाशित किया जब जवाहर लाल नेहरू के समय में पाश्चात्य असर से हमारे देश की नीतियां गढ़ी जा रही थी। 1950 में देश में शिक्षा, विदेश, व्यापार नीति पश्चिम के प्रभावों से बन रही थी, उस वक्त कल्याण ने चुपचाप कुछ करे बगैर हिंदू संस्कृति अंक प्रकाशित किया। इसमें हिंदू धर्म दर्शन, हिंदू आचार विचार, रीति रिवाज, पर्व उत्सव, कला संस्कृति को भारत की जनता के सामने रखने का काम कल्याण ने किया। आक्रामक भाषा के प्रयोग किए बिना कल्याण नामक ज्ञान का दीप जलाया। गीता प्रेस ने अनेक साहित्यों की रचना की और इसके कारण राष्ट्र में एक चेतना जागृत हुई। लोगों में सनातन धर्म के प्रति आकर्षण, आशा और भारतीय संस्कृति में विश्वास फिर से एक बार दृढ़ होता देख रहे हैं।
सत्संग की भूमि पर पहुंचा हूं
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज मैं यहां आया, सत्संग की भूमि पर पहुंचा, भगवान लक्ष्मी-नारायण के दर्शन किए, मां गंगा की पूजा की और संतों की उपस्थिति में कल्याण के शताब्दी समारोह को देखा। यह आयोजन भी कल्याण की तरह ही सात्विक, शुद्ध और प्रेरणादायी है। यह केवल उत्सव नहीं है, यह एक तपस्वी परंपरा का सौ वर्ष का साक्ष्य है।
महात्मा गांधी ने कहा था कि कल्याण में विज्ञापन नहीं छापना
अमित शाह ने कहा कि जब कल्याण शुरू हुआ था तब महात्मा गांधी ने कहा था कि कल्याण में कभी विज्ञापन मत छापना। और जब कार्यक्रम में लिए मुझे आमंत्रण देने आए तो मैंने पूछा कि विज्ञापन छापने की जरूरत पड़ी है क्या तो उन्होंने कहा कि 100वां अंक है लेकिन एक भी विज्ञापन नहीं छापा है। महात्मा गांधी ने कल्याण के कर्ताधर्ताओं को कहा था कि विज्ञापन मत छापना। आध्यात्मिक पत्रिकाओं व ग्रंथों को बाजार के दबाव से मुक्त रहना चाहिए। उस सलाह को आज तक कल्याण निरंतर पालन करता आया है और शायद यह देश और विदेश की शून्य विज्ञापन वाली पहली पत्रिका होगी। गीता प्रेस का उद्देश्य पुस्तकों की बिक्री नहीं है, हमारा उद्देश्य चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण है।
हस्तप्रद से लीथोप्रेस की यात्रा
अमित शाह ने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से हनुमान प्रसाद पोद्दार का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं। इन्होंने सबकुछ छोड़कर अपना जीवन गीता प्रेस को समर्पित किया। शायद ही कोई मुद्रण करने वाली संस्था होगी जिसने हस्तप्रद से लेकर चार कलर में छपने वाली लीथोप्रेस की यात्रा की हो। कहा कि संस्था को बनाए रखिए, जरूर कोई दूसरा 200वां अंक प्रकाशित करने आएगा।
गंगा की पूजा-अर्चना की
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गीता भवन नंबर एक परिसर के मंदिर में पूजा अर्चना की और गंगा घाट पर गंगा में पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना की।