एडवेंचर टूरिज्म हब के लिए सरकार भी प्रयासरत
उत्तराखंड सरकार और पर्यटन विभाग भी ऋषिकेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एडवेंचर टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। अभी कुछ माह पूर्व यहां बैराज झील में सी प्लेन के टेक ऑफ व लैंडिंग का सफल ट्रायल किया गया था। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सोशल मीडिया में एक पोस्ट पर कहा था कि ऋषिकेश में वाटर स्पोर्ट्स की अपार संभावनाएं हैं।
ढाई लाख से अधिक लोग कर चुके बंजी जंपिंग
मोहनचट्टी स्थित जंपिंग हाइट पर अब तक ढाई लाख से अधिक लोग बंजी जंपिंग कर चुके हैं। यह भारत की पहली बंजी जंपिंग साइट हैं। यहां पर पर्यटक करीब 180 मीटर की ऊंचाई से छलांग लगाते हैं। बताया जा रहा है कि यह एशिया की सबसे अधिक ऊंचाई वाली बंजी जंपिंग है।
जंगल सफारी के लिए पहुंचे 50 हजार से अधिक पर्यटक
बीते वर्ष नवंबर माह से इस वर्ष 15 जून तक राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के चारों गेटों में करीब 50 हजार 309 पर्यटकों ने जंगल सफारी का लुत्फ उठाया। इसमें 47881 भारतीय और 2428 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। चीला रेंज में 20245 पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया है, जिसमें 19139 भारतीय और 1106 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। पार्क प्रशासन को जंगल सफारी से एक करोड़ 28 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त किया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 5 लाख रुपये अधिक है।
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- पार्क क्षेत्र के पर्यटन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। राजाजी टाइगर रिजर्व के अंतर्गत इको टूरिज्म और बढ़ती हुई पर्यटकों की संख्या स्थानीय लोगों की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है। - कोको रोसे, पार्क निदेशक
- वीकेंड पर 100 से 150 पर्यटक बंजी जंपिंग करते हैं। बंजी जंपिंग के दौरान सुरक्षा के मानकों को पूरा ध्यान रखा जाता है। अब तक हमारी साइट पर ढाई लाख से अधिक पर्यटक बंजी जंपिंग कर चुके हैं। -मंजुल जोशी, मुख्य प्रबंधक, जंपिंग हाइट।