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ऋषिकेश: 90 साल पुराने लक्ष्मणझूला पुल की मियाद खत्म, अब खतरे से खाली नहीं पुल पर आवाजाही 

Fri, 12 Jul 2019 11:03 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
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- फोटो : फाइल फोटो
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ऋषिकेश में लक्ष्मणझूला पुल की मियाद खत्म हो चुकी है, लिहाजा इस पर बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही अब खतरे से खाली नहीं है। इस बात का खुलासा पीडब्ल्यूडी की सर्वे रिपोर्ट में हुआ है। विभाग ने यह रिपोर्ट शासन को भेज दी है।

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मामला इसलिए और अहम है, क्योंकि एक सप्ताह बाद ही कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है। प्रशासन से कांवड़ियों के नीलकंठ जाने के लिए लक्ष्मणझूला के जरिये ही रूट तय किया है।लक्ष्मणझूला पुल का निर्माण 1929 में हुआ था, जिसे आवाजाही के लिए 1930 में खोला गया था। करीब 90 साल पुराने इस पुल समेत 1986 में बने रामझूला पुल का पीडब्ल्यूडी के डिजाइनर पीके चमोली ने कुछ दिन पहले तकनीकी सर्वे किया था।

इसमें पुल की लोडिंग क्षमता और आयु आदि की जांच की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक 89 साल पहले के डिजाइन और क्षमता के हिसाब से पुल आज इस स्थिति में नहीं है कि इस पर अब बड़ी संख्या में लोग आवाजाही कर सकें।

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रामझूला पुल सुरक्षित

पुराने समय में झूला पुलों का निर्माण करते हुए पुल की क्षमता का ध्यान नहीं रखा जाता था, जबकि वर्तमान में 500 किलोग्राम प्रति स्क्वायर मीटर की क्षमता के झूला पुल बनाए जाते हैं। 
 
सर्वे रिपोर्ट से स्थानीय पुलिस को भी अवगत करा दिया गया है। पीडब्ल्यूडी (नरेंद्रनगर डिवीजन) के एक्सईएन मोहम्मद आरिफ खान का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार अगला कदम उठाया जाएगा।  

पीडब्ल्यूडी ने अपने सर्वे में हालांकि आवाजाही के लिहाज से रामझूला पुल को सुरक्षित पाया है। इससे आवाजाही की जा सकती है। बता दें कि इस पुल को बने हुए भी 33 साल हो चुके हैं।

बोर्ड बैठक में यह मामला पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने उठाया था। अपर मुख्य सचिव, पीडब्ल्यूडी और डीएम पौड़ी को पुल के दोनों ओर बेरिकेडिंग लगाने को कहा गया है, ताकि एक बार में अधिक संख्या में लोग पुल पर न चढ़ें।  
-सुबोध उनियाल, विधायक नरेंद्र नगर
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