राजधानी की सड़कों पर ब्लैक स्पॉट (मौत के मुहाने) दुरुस्त करने के लिए लंबे समय से तमाम दावे किए जा रहे हैं, लेकिन आज तक इनकी संख्या में कमी नहीं आई। शहर और इसके आसपास की सड़कों पर मौत के 47 मुहाने हैं। इनमें से 10 ब्लैक स्पॉट शिमला बाईपास पर ही हैं। इन पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
गत वर्ष सड़क सुरक्षा समिति की रिपोर्ट में जिले में 70 से ज्यादा ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए जाने की बात कही गई थी। इनके सुधार के लिए भी बातें हुई। इससे पहले यातायात निदेशालय ने भी अपने स्तर से राजधानी की सड़कों और इसके आसपास में सर्वे कराया गया था। जिसमें 47 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए थे। निदेशालय ने संबंधित विभागों को इन स्थानों पर संकेतक लगाने और इन्हें दुरुस्त कराने के लिए भी पत्र लिखा।
लेकिन, आज तक इन पर कार्रवाई नहीं हुई। हालत यह है कि हर बार सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में इन मुहाने के निरीक्षण और सुधार की बात की जाती है। लेकिन, ये बातें टेबल के चारों और गूंजकर फिर फाइलों में कैद हो जाती हैं।
ये हैं प्रमुख ब्लैक स्पॉट
काली मंदिर, देहरादून।
भारद्वाज क्लीनिक के पास हरिद्वार रोड।
वुड स्टॉक लंढोर स्कूल के पास।
महारानी सुवा खोली के पास।
होटल सॉलिटेयर के पास हरिद्वार बाईपास रोड।
बड़ोवाला पुल का मोड, शिमला बाईपास।
तेलपुर चौक, शिमला बाईपास रोड।
चांदनी चौक नया गांव, शिमला बाईपास रोड।
रतनपुर, शिमला बाईपास रोड।
पित्थुवाला पेट्रोल पंप, शिमला बाईपास रोड।
नया गांव बूढपुर के पास, शिमला बाईपास रोड।
सेंट ज्यूड्स चौक, शिमला बाईपास रोड।
गणेशपुर के पास शिमला बाईपास रोड।