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Rishabh Pant Car Accident: हादसे के बाद खुद ही लपटों से बाहर आए पंत, लेकिन पुलिस की तत्परता से टली अनहोनी

Fri, 30 Dec 2022 02:02 PM IST
शक्तिराज सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

सड़क हादसे के बाद ऋषभ पंत खुद ही कार से बाहर निकले थे। वह होश में भी थे, लेकिन पुलिस की तत्परता के चलते बड़ा हादसा होने से टल गया। शुरुआत में उनकी हालत गंभीर थी, लेकिन सही समय पर इलाज मिला तो वह सुरक्षित बच गए। 
 
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ऋषभ पंत कार एक्सिडेंट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत कार हादसे का शिकार हुए हैं। हादसे के बाद उनकी मर्सडीज कार में आग लग गई और पूरी कार जलकर खाक हो गई है, लेकिन पंत सुरक्षित हैं। उनके सिर पर दो कट आए हैं और पैर में भी फ्रैक्चर हुआ है, लेकिन अब उनकी हालत पूरी तरह से ठीक है। कार की तस्वीरें और हादसे का सीसीटीवी वीडियो देखने के बाद यह यकीन करना मुश्किल है कि पंत अब खतरे से बाहर हैं। 
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पंत की कार गंभीर हादसे का शिकार हुई, लेकिन अब उनकी जान को कोई खतरा नहीं है। हालांकि, पंत की जान बचाने में उत्तराखंड पुलिस की तत्परता का बड़ा योगदान है। हादसे के कुछ सेकेंड के अंदर ही कार में आग लग गई थी। ऐसे में किसी के लिए भी पंत को कार से बाहर निकालना संभव नहीं था, लेकिन पंत खुद ही कार से बाहर आ गए। वह होश में थे और बात कर रहे थे।

ऋषभ पंत की कार हुई हादसे का शिकार - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने कैसे दिखाई तत्परता?
पुलिस को जैसे ही पंत के हादसे के बार में पता लगा, वैसे ही पूरी महकमा सक्रिय हो गया। ऋषभ पंत राष्ट्रीय क्रिकेटर हैं। ऐसे में उनके लिए आनन-फानन में अस्पताल ले जाने और परिवार से किसी भी तरह संपर्क साधने के निर्देश दिए गए। हादसे के बाद अस्पताल जाते वक्त पंत ने उनकी मां का नंबर दिया। वे चाहते थे कि मां उनके पास जल्द से जल्द पहुंचें, लेकिन वह नंबर स्विच ऑफ था। रुड़की में सिविल लाइन थाने को पुलिस ने सूचित किया। वहां से चेतक पुलिस को भेजा गया। 

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ऋषभ पंत की कार हुई हादसे का शिकार - फोटो : अमर उजाला
हादसा सुबह साढ़े पांच बजे के करीब हुआ था और सुबह सवा छह बजे पुलिस उनके घर पर पहुंच गई। काफी देर बाद दरवाजा खुला। पुलिस ने उनकी मां को जगाया। ड्राइवर से संपर्क नहीं हो पा रहा था तो थाने की गाड़ी से ही उनकी मां को रुड़की के अस्पताल लाया गया। पंत की मां से पुलिस के अफसर लगातार फोन पर बात कर रहे थे। पंत को ठंड लग रही थी तो उनकी मां से कहा गया कि वे कपड़े भी ले आएं।

पुलिस ने पंत को सही समय पर अस्पताल पहुंचा दिया था। यहां उनका प्राथमिक उपचार हुआ और उनकी हालत पहले से काफी बेहतर हो गई। जब पंत खतरे से बाहर आ गए तो उन्हें देहरादून के मैक्स अस्पताल पहुंचाया गया। जहां, उनकी प्लास्टिक सर्जरी की जाएगी। 
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