उत्तराखंड के कारोबार पर भी मुजफ्फरनगर दंगे का व्यापक असर पड़ रहा है। स्टील, फार्मा समेत गुड़ कारोबारी इससे काफी प्रभावित हुए हैं।
पढ़ें, उत्तराखंडः बार्डर पर सख्त पहरा, हाईवे तीन घंटे बंद
हर दिन करीब आठ करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। मुजफ्फरनगर के आस-पास स्थित स्टील फैक्ट्रियों से यहां स्टील की सप्लाई होती है, इसके अलावा दून से दवाएं भेजी जाती हैं। मुजफ्फरनगर से ही गुड़ की आवक है। वहीं हरिद्वार सिडकुल में कच्चा माल नहीं होने से 20 फीसदी उत्पादन कम हो गया है।
पढ़ें, जरूरत की चीजों पर चला डॉलर का चाबुक
ट्रकों की आवाजाही घटने से बाजार में स्टॉक कम होने लगा है। हरियाणा, दिल्ली से आने वाले इलेक्ट्रिक, जनरल स्टोर के सामान, हार्डवेयर, रेडीमेड गारमेंट, फ्लैक्स, क्रॉकरी, शूज की सप्लाई ठप हो गई है। मुजफ्फरनगर के कोल्ड स्टोरेज में रखा आलू निकल नहीं पा रहा है, जिससे इसके दाम बढ़ने लगे हैं।
पढ़ें, दून से जत्थे में चल रही बसें, रूट बदला
वहीं करनाल के रास्ते दिल्ली सामान भेजने से परिवहन लागत 10 फीसदी बढ़ गई है। वहीं दंगे के बाद से देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, रुड़की के बस अड्डे सूने हो गए हैं। यहां से जाने वाली बसों में भी नाममात्र के यात्री ही हैं, जिससे आधी बसें ही चलाई जा रही हैं। हालांकि ट्रेनों पर यात्रियों ने भरोसा जताया है, जिससे ट्रेनें खचाखच भरी जा रही हैं।
फेसबुक पर अपनी राय देने के लिए यहां क्लिक करें