देहरादून के राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज के कैडेट पांच वर्ष के कठोर प्रशिक्षण और बेहतरीन तैयारी के बावजूद इस बार एनडीए की परीक्षा में पिछड़ गए।
केवल 14 का ही चयन
शनिवार को पासआउट 28 कैडेटों में से केवल 14 का ही चयन एनडीए में हुआ है। हर साल एनडीए परीक्षा में आरआईएमसी कैडेटों का जलवा रहता था। एनडीए की मेरिट सूची में गत वर्ष शीर्ष दस में आरआईएमसी के पांच कैडेट थे।
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इससे पहले एनडीए परीक्षा का टॉपर आरआईएमसी कैडेट ही था। इसकी वजह कॉलेज में दी जाने वाली ट्रेनिंग और अध्यापन को माना जाता है। वर्ष 2007 से अब तक 241 नौजवान आरआईएमसी से एनडीए की राह पकड़ चुके हैं।
लेकिन कई वर्षों बाद इस बार कॉलेज के कैडेटों का एनडीए में सफलता ग्राफ गिरा है। हालांकि आरआईएमसी इसे बड़ी नाकामी नहीं मानता।
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इस बार एनडीए का रिजल्ट अपेक्षाकृत कम रहा है, लेकिन हतोत्साहित होने की बात नहीं है। जो कैडेट फर्स्ट अटेंप्ट में वंचित रह जाते हैं, उन्हें अगली बार के लिए तैयारी कराई जाती है। दूसरी बार भी रह जाने वाले कैडेटों को तीसरे साल की परीक्षा के लिए तैयार किया जाता है। इस बार जो कैडेट बच गए हैं, उन्हें पूरी तैयारी कराएंगे।
- प्रशांत शर्मा, पीआरओ, आरआईएमसी
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