भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में अब सिविल ठेकों के आवंटन में धांधली का मामला भी सामने आया है। इस मामले में कर्नल (क्यू) रैंक पर तैनात रहे अधिकारी के खिलाफ सेना ने एक बोर्ड बनाकर कोर्ट आफ इंक्वायरी (सीओआई) गठित कर दी है।
कर्नल के खिलाफ अकादमी में वर्ष 2011-13 के बीच तैनाती के दौरान ठेकेदारों से लाखों की वसूली का आरोप है। इस प्रकरण में सीबीआई की प्रारंभिक जांच का हवाला देकर कर्नल के खिलाफ आर्मी एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू हुई है। अकादमी के आर्मी कैडेट कॉलेज विंग में कर्नल के खिलाफ सुनवाई होगी।
अकादमी में सिविल ठेकेदारों को ठेकों के आवंटन में धांधली का यह पहला मामला है, जिसमें कर्नल रैंक का वरिष्ठ सैन्य अधिकारी आरोपी है। अमर उजाला ने सितंबर 2014 में इस मामले का खुलासा किया था कि सीबीआई की नजर अकादमी के एक कर्नल रैंक के अधिकारी पर है।
सीबीआई के हाथ अकादमी में तैनात रहे कर्नल (क्यू) के बैंक खातों में लेनदेन के सुबूत मिले थे। मामले में सीबीआई प्रारंभिक जांच दर्ज कर ली थी, लेकिन एफआईआर दर्ज करने से पहले ही मामले में जांच रोक दी गई। सीबीआई ने मामले में एफआईआर दर्ज करने के लिए सेना मुख्यालय को पत्र भेजा था, लेकिन सेना ने आर्मी एक्ट के तहत कार्रवाई का हवाला देकर अनुमति नहीं दी।
सेना के जांच आदेशों में लिखा है कि सीबीआई की जांच से आर्मी एक्ट के कई प्रावधानों का उल्लंघन प्रतीत होता है। कोर्ट मार्शल की कार्रवाई का पहला चरण जिसमें सभी पक्षों के बयान दर्ज करने के साथ तथ्यों को देखा जाएगा। इसी के तहत 20 जुलाई को सीओआई में रेजीमेंटल ठेकेदारों को भी तलब किया है। अगर आरोप साबित होते हैं तो ही कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया शुरू होगी।