संभागीय खाद्य नियंत्रक (आरएफसी) कुमाऊं विष्णु धनिक को करोड़ों रुपये के खाद्यान्न घोटाले के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है। खाद्यन्न घोटाले की जांच के लिए गठित स्पेशल टास्क फोर्स की रिपोर्ट के आधार पर सोमवार की रात मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने धनिक को बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया।
मुख्यमंत्री ने इस मामले में प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति आनंद बर्द्धन को निर्देश दिया है कि तत्कालीन डिप्टी आरएमओ सहित अन्य सभी संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ दो दिन के अंदर कड़ी कार्रवाई की जाए।
राज्य के गरीब वर्ग को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से सस्ता खाद्यान्न न मिलने एवं घटिया अनाज की सप्लाई किए जाने की शिकायत मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को मिली थी। मुख्यमंत्री ने इस मामले में दो अगस्त 2017 को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) गठित करने का आदेश दिया था।
एसटीएफ ने दो दिन पहले अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी थी, जिसमें सस्ता खाद्यान्न उपलब्ध न होने, दस्तावेजों में हेराफेरी करने के साथ ही अनेक स्तर पर गड़बड़ी और अनियमितता का उल्लेख किया गया है।
यह अनियमितता पिछले दो सालों से जारी है। एसटीएफ ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि इससे सरकार को करोड़ों रुपये (लगभग 500 करोड़) के राजस्व का नुकसान हुआ है। रिपोर्ट के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने तत्काल प्रभाव से आरएफसी कुमाऊं को बर्खास्त करने का आदेश प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति को दिया।
यूएसनगर के डीएम को आरएफसी का कार्यभार
धनिक को बर्खास्त किए जाने के बाद अगले आदेशों तक इस पद का कार्यभार ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी को सौंप दिया गया है। शासन ने यह आदेश इसलिए जारी किया है कि प्रदेश में एक अक्तूबर से धान की खरीद चल रही है।