पिछले साल 4000 करोड़ अधिक खर्च हुआ
बैठक में बजट अधिकारी मनमोहन मैनाली ने बताया, वर्ष 2022-23 में कुल बजट खर्च का 56 करोड़ रुपये खर्च हुआ था। वर्ष 2023-24 में खर्च बढ़कर 60 हजार करोड़ हो गया। यानी चार हजार करोड़ रुपये अधिक खर्च हुए। पूंजीगत परिव्यय 10,982 करोड़ हुआ, जबकि 2022-23 में 8,192 करोड़ रुपये था। बताया कि जीएसटी में लगभग 13 फीसदी बढ़ोतरी हुई। वित्त मंत्री ने नान टैक्स बढ़ाने और केंद्र पोषित योजना की विशेष समीक्षा करने के निर्देश दिए। कहा, विकास योजनाओं की यूसी भी समय पर दी जाए।
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आवासीय सोसाइटी से जुड़े विवादों के निपटारे के लिए बनेगा तंत्र
बैठक में आवासीय सोसाइटी के पंजीकरण के मसले पर भी चर्चा हुई। आवासीय सोसाइटी का भी सोसाइटी एक्ट के तहत पंजीकरण होता है, लेकिन नियमावली में आवासीय सोसाइटी के विवादों के निपटारे के प्रावधान नहीं हैं। रेरा में भी कोई व्यवस्था नहीं है। वित्त मंत्री ने आवासीय सोसाइटी के लिए नियमावली बनाने के निर्देश दिए। बैठक में कहा गया कि उन राज्यों के सोसाइटी नियमावली का अध्ययन कर लिया जाए, जहां आवासीय समितियों के पंजीकरण और विवादों के निपटारे के लिए अलग से व्यवस्था है। तय हुआ कि विभागीय अधिकारी यूपी और महाराष्ट्र के आवासीय सोसाइटी पंजीकरण के नियमों का अध्ययन करेंगे।