औद्योगिक प्रयोजनों के लिए राज्य के जिला पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी एवं अल्मोड़ा पूरी तरह से अध्यादेश की परिधि में आएंगे। जिला देहरादून के विकासनगर, डोईवाला, सहसपुर तथा रायपुर विकासखंड में उद्योगपतियों को लाभ नहीं मिलेगा। जिला नैनीताल के हल्द्वानी और रामनगर विकासखंड को भी इससे बाहर रखा है।
पर्वतीय जिलों में यह क्षेत्र परिधि से बाहर
अध्यादेश आने के बाद भी नगर निगम, नगर पंचायत, नगर परिषद और छावनी परिषद क्षेत्रों की सीमा में आने वाले क्षेत्र पर धारा 143 और 154 में किए जा रहे बदलाव प्रभावी नहीं होंगे।
शर्तें का नहीं किया पालन तो जाएगी भूमि
सरकार ने उद्योगपतियों को पहाड़ में जितनी चाहे भूमि खरीदने की छूट दे दी है, लेकिन तय शर्तों का उल्लंघन होने पर खरीद शून्य हो जाएगी। औद्योगिक प्रयोजन के अंतर्गत उद्योग में शामिल सेक्टर के अलावा चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक गतिविधियों को भी रखा है। खरीद के बाद उद्योगपति को संबंधित राजस्व अधिकारी को अवगत करवाना भी जरूरी है।
अन्य प्रमुख पारित प्रस्ताव
- पेट्रोल डीजल की कीमतों में कमी लाने का प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा।
- सेवा का अधिकार आयोग की 2016-17 की रिपोर्ट कैबिनेट में रखी गयी।