साथ ही हाईकोर्ट ने पहले से बनी कमेटी को भी निष्क्रिय घोषित कर दिया। इस फैसले के बाद पांच जुलाई को राज्य में संचालित एक निजी मेडिकल कॉलेज की फीस पर अपीलेट अथारिटी ने सुनवाई की और फीस में वृद्धि कर दी।
इस बीच सरकार हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई। लेकिन वहां याचिका खारिज हो गई। इधर, भाजपा नेता और याचिकाकर्ता रविंद्र जुगरान ने नैनीताल हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की।
याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की डबल बेंच कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस राजीव शर्मा और जस्टिस लोकपाल सिंह ने मुख्य सचिव उत्पल कुमार, अपर मुख्य सचिव (उच्च शिक्षा) डॉ. रणवीर सिंह, चिकित्सा शिक्षा नितेश झा, अपीलेट अथारिटी के चेयरमैन सुभाष कुमार और सदस्य डॉ. राजेंद्र डोभाल को नोटिस जारी कर कहा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जाए। अब हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 11 अक्तूबर को होगी।