देहरादून। प्रबुद्ध नागरिकों के संगठन ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर लॉकडाउन के दौरान की फीस वसूली पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कई स्कूल लॉकडाउन की अवधि की भी फीस मांग रहे हैं। इसके लिए अभिभावकों पर तरह-तरह से दबाव बनाया जा रहा है।
प्रदेश संयोजक दौलत कुमार ने कहा कि अभिभावकों से मार्च से अब तक की फीस मांगी जा रही है। इसमें से कुछ समय की फीस ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर ली जा रही है। उन्होंने कहा कि अधिकांश बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई से फायदा नहीं हुआ। वैसे भी प्रदेश में ज्यादातर गरीब और कमजोर पृष्ठभूमि के छात्र व अभिभावक हैं, जो इस आर्थिक बोझ को उठाने में बहुत परेशानी महसूस कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर अभिभावकों की आय कोरोना के कारण बिल्कुल बंद हो चुकी है। उन्होंने कोविड-19 के दौरान फीस माफ करने वाले स्कूलों की सूची सार्वजनिक करने, पहले जमा हो चुकी फीस को समायोजित करने की मांग की। साथ ही अभिभावक संघों से मुखर होकर आंदोलन करने का आह्वान किया है। इस मौके पर पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुवर्धन, पूर्व निदेशक स्वजल पीसी माथुर, स्वराज चौहान, अमित अहलूवालिया, राजेंद्र कुमार, वीरेंद्र प्रताप सिंह, सादिक हसन, संजीव ठाकुर, राजेंद्र सिंह, जीवन सिंह, सतीश कुमार पाटिल, अनिल कुमार गुलेरिया, अमीरचंद, तिलक सिंह, लक्ष्मी शर्मा समेत अन्य मौजूद रहे।