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उत्तराखंड: सीधी भर्ती के लिए नई रोस्टर नीति तय, अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हुआ पहला पद

Sun, 24 May 2020 05:47 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • सरकार ने निर्धारित की रोस्टर नीति, आदेश जारी
  • जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन का विरोध भी शुरू, दी चेतावनी
  • ये आरक्षण नहीं प्रतिनिधित्व है, विरोध का औचित्य नहीं: एससी एसटी फेडरेशन

     
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- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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उत्तराखंड सरकार ने राजकीय सेवाओं, शिक्षण संस्थाओं, सार्वजनिक उद्यमों, निगमों व स्वायत्तशासी संस्थाओं में सीधी भर्ती के पदों को भरने के लिए नई रोस्टर नीति तय कर दी है। कार्मिक एवं सतर्कता विभाग ने इसका आदेश जारी कर दिया है। नए रोस्टर में सीधी भर्ती का पहला पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रखा गया है। रोस्टर में अब अनुसूचित जनजाति के लिए 25वें के स्थान 24 वां तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आठवें के स्थान पर सातवां पद है। पूर्व में सरकार ने रोस्टर में संशोधन कर पहला पद सामान्य वर्ग के लिए कर दिया था। ओबीसी व एसटी का पद भी पीछे एक क्रमांक पीछे खिसक गया था। लेकिन विवाद होने के बाद सरकार ने रोस्टर में बदलाव कर दिया।

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अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी ने सीधी भर्ती के माध्यम से होने वाले चयन के लिए सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व एवं समान अवसर के लिए पद आधारित रोस्टर नीति के आदेश जारी किया। इस संबंध में सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, सभी विभागाध्यक्षों व कार्यालयाध्यक्षों तथा सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।


इसके तहत नियुक्ति प्राधिकारी सीधी भर्ती के पदों के हिसाब से कर्मचारियों का रोस्टर  क्रमांक के अनुरूप एक रजिस्टर तैयार करेगा। संवर्गीय रोस्टर बनाने के बाद सामान्य और आरक्षित श्रेणियों के लिए क्षैतिज आरक्षण की गणना करते हुए रोस्टर रजिस्टर बनाया जाएगा। स्वैच्छिक व राजकीय गृहों में रहने वाले अनाथ बच्चों को राजकीय व अशासकीय सेवा में क्षैतिज आरक्षण 2020 की संशोधन नियमावली के तहत सामान्य श्रेणी के पदों के सापेक्ष मिलेगा।
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हर कार्यालयाध्यक्ष को एक नोडल अफसर बनाना होगा जो हर सप्ताह रोस्टर रजिस्टर को भरेगा। इसकी सूचना महीने की 15 तारीख तक कार्मिक एवं सतर्कता विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी। नियुक्ति प्राधिकारी शुद्ध एवं परिणामी रिक्त पदों की गणना कर सीधी भर्ती के माध्यम से चयन के लिए संबंधित आयोग को प्रस्ताव भेजेगा।

रोस्टर में किस नंबर पर किस वर्ग का पद

पद              वर्ग
पहला          एससी
छठा           एससी
सातवां        ओबीसी
10वां         आर्थिक रूप से कमजोर
11वां           एससी
14वां          ओबीसी
16वां            एससी
19वां           ओबीसी
20वां         आर्थिक रूप से कमजोर
21वां           एससी
24वां          एसटी
.....................
नोट मॉडल रोस्टर में दूसरा, तीसरा, चौथा, पांचवां, आठवां, नौवां,12वां,13वां, 15वां,
17वां, 22वां व 23वां पद सामान्य वर्ग के लिए है।

वर्टिकल आरक्षण
वर्ग                               प्रतिशत
एससी                               19
ओबीसी                              14
आर्थिक रूप से कमजोर          10
एसटी                                  04

क्षैतिज आरक्षण
वर्ग                                    प्रतिशत
उत्तराखंड महिला                      30
भूतपूर्व सैनिक                         05
दिव्यांगजन                             04
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित   02
उत्तराखंड के अनाथ बच्चे             05

सीधी भर्ती रोस्टर का विरोध, जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन ने दी चेतावनी

सीधी भर्ती के रोस्टर में बदलाव का विरोध शुरू हो गया है। उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन ने रोस्टर के पहले स्थान से सामान्य वर्ग का पद हटाए जाने पर कड़ा एतराज जताया है। एसोसिएशन ने मंगलवार को बैठक बुलाई है, जिसमें आगे की रणनीति तय होगी।

उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के दीपक जोशी ने कहा कि सरकार ने रोस्टर से पहला पद सामान्य वर्ग से हटाकर एससी वर्ग के लिए चिन्हित करके वादाखिलाफी की है। इससे सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के हित प्रभावित होंगे। संगठन ने कहा कि कौशिक कमेटी के सामने एसोसिएशन ने मांग रखी थी कि किसी भी सूरत में रोस्टर में पहले स्थान पर सामान्य वर्ग के पद से कोई छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।

कमेटी ने उन्हें आश्वस्त किया था। लेकिन कार्मिक विभाग के जारी आदेश में रोस्टर में पहला पद एससी के लिए चिन्हित कर दिया गया है। एसोसिएशन सरकार के इस फैसले का विरोध करती है। मंगलवार को एसोसिएशन और उच्च अधिकार प्राप्त संयोजक मंडल की आपात बैठक बुलाई गई है। जिसमें सरकार के फैसले के विरोध की रणनीति तय की जाएगी। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।
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ये आरक्षण नहीं प्रतिनिधित्व है, विरोध का औचित्य नहीं: एससी एसटी फेडरेशन

उत्तराखंड एससी एसटी इंप्लाइज फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष करम राम ने कहा कि रोस्टर का विरोध करने का कोई औचित्य नहीं है। सरकार ने अपनी गलती से सीख ली है और पहले स्थान पर एससी का पद पूर्ववत रखा है। ये कोई आरक्षण नहीं है, बल्कि प्रतिनिधित्व है ताकि सभी को समानता का अवसर प्राप्त हो।

सरकार ने अपनी गलती सुधारी है। यूपी में भी सीधी भर्ती के रोस्टर में पहला पद एससी के लिए है। हम रोस्टर नीति का अध्ययन कर रहे हैं। इसमें हमें कुछ प्रावधानों पर शंका है। रोस्टर का अध्ययन करने के बाद ही इस पर प्रतिक्रिया दी जाएगी। फेडरेशन को आशा थी कि सरकार वर्ष 2001 में जारी रोस्टर के अनुरूप रोस्टर नीति का निर्धारण करती। लेकिन नए रोस्टर में कुछ बदलाव किए गए हैं। इनका फेडरेशन अध्ययन कर रही है और जल्द ही इस पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करेगी।

उत्तराखंड एससी एसटी इंप्लाइज फेडरेशन ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि रोस्टर नीति का निर्धारण होने के बाद अब लोकसेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में भेजे गए सीधी भर्ती के प्रस्ताव तत्काल वापस मंगाए जाएं। इन सभी पदों को संशोधित रोस्टर के अनुरूप तैयार करके दोबारा भेजा जाए। यदि सरकार ऐसा नहीं करेगी, उसका विरोध किया जाएगा।
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