इस दौरान मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया कि न्यायालय का आदेश आ चुका है। इसलिए सरकार तत्काल प्रमोशन पर लगी रोक हटाए और विभागों को युद्धस्तर पर प्रमोशन करने के आदेश दिए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्णय में जितनी अधिक देरी होगी, अफसरों और कर्मचारियों को उतना अधिक नुकसान होगा।
एसोसिएशन के नेताओं ने सचिवालय में डेरा जमा लिया। उनका कहना है कि वे सचिवालय से आदेश लेकर ही जाएंगे। उधर, कार्मिक विभाग के सूत्रों की मानें तो सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर सियासत गरमाने के कारण पदोन्नति पर रोक का आदेश निरस्त करने में देरी हो सकती है।
आदेश की प्रति प्राप्त हो गई है। उच्च स्तर पर इसका अध्ययन होगा। वहां से जो भी निर्देश होंगे, उसके अनुसार आदेश जारी किया जाएगा।
-उत्पल कुमार सिंह, मुख्य सचिव, उत्तराखंड