पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने बताया कि सिनर्जी अस्पताल में परिजनों ने पहले छात्र के फिसलकर गिरने की बात बताई थी। एमआरआई के दौरान पता चला कि छात्र के सिर से गोली पार हुई है। इस पर अस्पताल ने कैंट कोतवाली पुलिस को घटना की जानकारी दी।
उन्हाेंने बताया कि इंदिरानगर चौकी प्रभारी दीपक धारीवाल ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्यों का संकलन किया है। घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी पिस्टल को कब्जे में ले लिया गया है। परिजनाें का कहना है कि छात्र मानसिक रूप से बीमार था और उपचार भी चल रहा था।
परिजनाें ने पुलिस को बताया कि उन्हें गोली की आवाज सुनाई नहीं दी। चौकी प्रभारी दीपक धारीवाल के अनुसार परिजनों ने बताया कि बेटा जब काफी देर तक टायलेट से बाहर नहीं आया तो उन्हें चिंता हुई। उन्होंने काफी आवाज लगाई, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। किसी तरह वे टायलेट में दाखिल हुए तो उन्हें घटना का पता चला। मां और पिता का कहना है कि उन्हें गोली की आवाज सुनाई नहीं दी।
पिता साथ में रखते थे लाइसेंसी पिस्टल
प्रोफे सर पिता ने पुलिस को बताया कि बेटे की मानसिक बीमारी के चलते वह हर समय पिस्टल साथ रखते थे। रविवार रात वह पिस्टल अलमारी में रखकर परिवार के बीच बैठ गए थे। इसी दौरान वह अलमारी से पिस्टल निकालकर टायलेट में ले गया और यह अनहोनी हो गई। अलमारी का दरवाजा खुला देखकर उनका माथा जरूर ठनक गया था, लेकिन यह ख्याल नहीं आया कि बेटा ऐसा भी कुछ कर सकता है।