अध्यक्ष करम राम का कहना है कि आंदोलन के अगले चरण में मार्च माह के प्रथम सप्ताह में देहरादून में प्रमोशन में आरक्षण के मुद्दे पर एससी-एसटी कर्मचारियों का राष्ट्रीय सम्मेलन किया जाएगा, जिसमें देश के सभी राज्यों से एससी-एसटी कर्मचारी संगठन को आमंत्रित किया जाएगा। इस सम्मेलन में प्रमोशन में आरक्षण की लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर लड़ने का निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के लिए संविधान में आरक्षण की व्यवस्था की गई। इससे इस वर्ग का प्रतिनिधित्व पूरा हो सके। लेकिन कुछ संगठनों की ओर से एससी-एसटी वर्ग से इस हक को छीनने का प्रयास किया जा रहा है। इससे अब एससी-एसटी वर्ग के लोग भी राष्ट्रीय स्तर पर आरपार की जंग के लिए तैयार हैं।
प्रमोशन में आरक्षण को खत्म करने का आदेश जारी करने की मांग को लेकर दो मार्च से कर्मचारियों की प्रस्तावित बेमियादी हड़ताल का असर उत्तराखंड के साथ ही अब अन्य राज्यों में भी देखने को मिलेगा। अखिल भारतीय समानता मंच के अलग-अलग संगठनों ने शनिवार को दिल्ली में हुई बैठक में उत्तराखंड के समर्थन में प्रत्येक राज्य में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है।
उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी ने इसकी पुष्टि की। दिल्ली में हुई बैठक में शामिल दीपक जोशी ने बताया कि अखिल भारतीय समानता मंच के बैनर तले हुई बैठक में सभी राज्यों के अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों ने उत्तराखंड में दो मार्च से शुरू हो रही बेमियादी हड़ताल का समर्थन करने का फैसला किया है। इस दिन सभी राज्यों की राजधानी में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
इससे पहले 29 फरवरी को देहरादून में सभी संगठनों के पदाधिकारियों की आम होगी और ये सब मीडिया से भी मुखातिब होंगे। जोशी के मुताबिक प्रदेश सरकार से एसोसिएशन लगातार मांग कर रही है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर प्रमोशन में आरक्षण को तुरंत खत्म किया जाए और सरकार प्रमोशन पर लगी रोक को हटाया जाए। सुप्रीम कोर्ट स्पष्ट कह चुका है कि प्रमोशन में आरक्षण की व्यवस्था को लागू रखने या न रखने पर फैसला लेने का अधिकार राज्य सरकार को है।