पांच नवंबर 2012 को सरकार ने प्रमोशन में आरक्षण न देने को लेकर व्यवस्था दी। उच्च न्यायालय यह नहीं कह सकता कि आंकड़े जुटाओ। उत्तराखंड एससी एसटी इंप्लाइज फेडरेशन की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल, एडवोकेट दुष्यंत दबे और कोलविन गोंजाल्विस व अन्य वकीलों ने प्रमोशन के आरक्षण के पक्ष में तर्क रखे।
सरकार और हमारे वकीलों ने सर्वोच्च अदालत में मजबूूती के साथ पक्ष रखा। हमें पूरा भरोसा है कि फैसला जनरल ओबीसी के पक्ष में आएगा। प्रमोशन में आरक्षण देना न देना सरकार का अधिकार क्षेत्र है।
-दीपक जोशी, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन
सर्वोच्च अदालत में हमारे वकीलों ने मजबूती के साथ तर्क रखे। सरकार को उच्च न्यायालय के फैसले के अनुरूप एससी एसटी कर्मचारियों के आंकड़े जुटाने चाहिए और उस आधार पर प्रमोशन में आरक्षण देना चाहिए। हमें अपने पक्ष में फैसला आने की पूरी आशा है।
- करम राम, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड एसी एसटी इंप्लाइज फेडरेशन