प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ जनरल और ओबीसी कर्मचारियों की हड़ताल के तीसरे दिन आज भी विभागों में लोगों ने परेशानियां झेलीं। कई विभागों में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। कमोबेश आज भी शुरुआत जैसे ही हालात रहे। सुबह से ही सैकड़ों कर्मचारी धरनास्थल चले गए।
वहीं सरकार पर दबाव बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों को हड़ताल पर लाने के बलए एसोसिएशन ने सचल दस्ते बनाए हैं। जो विभागों में जाकर कार्यरत कर्मचारियों से हड़ताल में शामिल होने का अनुरोध कर रहे हैं। वहीं कहीं-कहीं कार्यरत कर्मचारियों पर जबरन दबाव भी बनाया जा रहा है। देहरादून के राजपुर रोड स्थित प्रमुख वन संरक्षक (पीसीसीएफ) ऑफिस में तो नौबत यहां तक आ गई कि पुलिस को बुलाना पड़ा। वहीं पौड़ी में एक शिक्षक के मुंह पर कालिख पोत दी गई। हड़ताली कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं हुए तो उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जाएगी।
इससे विभागों में अपना काम लेकर आए लोगों को बैरंग ही लौटना पड़ा। पब्लिक डीलिंग वाले दफ्तरों में मंगलवार को सन्नाटा रहने से लोगों को भारी परेशानियां झेलनी पड़ीं। बड़ी परेशानी आरटीओ कार्यालय में हो रही है। यहां हर दिन लगभग 200 से 250 ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाते हैं। जबकि हर दिन लगभग 150 वाहनों का पंजीकरण किया जाता है।
यह काम न तो सोमवार को हुआ और न मंगलवार को, आज भी ऐसा ही हाल रहा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यदि हड़ताल इसी तरह बढ़ती गई तो काम का बैकलॉग बहुत अधिक बढ़ जाएगा। आने वाले दिनों में पंजीकरण और लाइसेंस बनाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। मार्च महीने में यह स्थिति और भी ज्यादा दूभर हो सकती है।
कल हो सकती है बड़ी परेशानी
बृहस्पतिवार को विभागों में और भी ज्यादा परेशानी हो सकती है। बृहस्पतिवार से आपातकालीन सेवा वाले विभागों के कर्मचारियों ने भी हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। कर्मचारी एसोसिएशन ने कहा था कि यदि पांच मार्च तक उनके हक में फैसला नहीं हुआ तो स्वास्थ्य, बिजली, पानी आदि विभागों के कर्मचारी भी हड़ताल पर जाने को मजबूर हो जाएंगे।