अखिल भारतीय समानता मंच ने एससी एसटी प्रिवेशन ऑफ एस्ट्रोसिटी एक्ट के तहत बेमियादी हड़ताल में शामिल जनरल ओबीसी कर्मचारियों पर झूठे केस दर्ज कराने की आशंका जाहिर की है। मंच ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है और उनसे ऐसे मामलों में जांच के बाद ही केस दर्ज करने का अनुरोध किया है।
मंच के राष्ट्रीय सचिव एलपी रतूड़ी, प्रांतीय अध्यक्ष श्याम लाल शर्मा व प्रांतीय महासचिव जगदीश प्रसाद कुकरेती ने पत्र में कहा है कि एससी एसटी एक्ट में बिना जांच के गिरफ्तारी की जो व्यवस्था दी गई है, वह अनुचित व अन्यायपूर्ण है। प्रदेश में सर्वोच्च न्यायालय ने सात फरवरी को प्रमोशन में आरक्षण न दिए जाने संबंध में आंदोलन किया जा रहा है।
ऐसे हालातों में कुछ शरारती तत्व निजी स्वार्थ से दूसरे पक्ष के मध्य भ्रम की स्थिति पैदा कर व कटुता को बढ़ाकर आंदोलन के शांतिपूर्ण माहौल को खराब करना चाहते हैं। इस बात की प्रबल संभावना है कि एससी एसटी प्रिवेशन ऑफ एस्ट्रोसिटी एक्ट के तहत जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के पदाधिकारियों व सदस्यों पर झूठे मुकदमे दर्ज कराए जाएंगे। इसका प्रभाव पूरे देश पर पड़ेगा। इससे सामाजिक ताने बाने के छिन्न भिन्न होने का खतरा भी पैदा हो जा जाएगा। इसलिए ऐसे मामलों में उचित जांच में अपराध सही पाए जाने पर केस दर्ज किया जाए।