वैसे तो आरक्षण सभी वर्गों के लोगों को चुनाव लड़ने का अवसर देता है, लेकिन हरिद्वार के पंचायत चुनावों में कुछ सीटों पर प्रेम विवाह को तरजीह दी जा रही है।
यहां प्रेम विवाह करके घर की बहू बनी प्रत्याशी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। ऐसी प्रत्याशियों ने अपने जाति का प्रमाणपत्र पिता की जाति से लगाकर चुनाव को रोचक बना दिया है।
हरिद्वार शहर से सटी एक ग्राम सभा में प्रधान का पद पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित है। सामान्य जाति बाहुल्य वर्ग के सभी लोग इस लिहाज से चुनाव लड़ने से बाहर हो गए हैं