दून विश्वविद्यालय में हिमालयी क्षेत्र में जेंडर आधारित आजीविका जोखिम और अनुकूलन विषय पर संवाद का आयोजन किया गया। शुक्रवार को कार्यक्रम में शिक्षाविदों, शोधार्थियों, पत्रकारों, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों और समुदाय के सदस्यों ने हिस्सा लिया।
मुख्य अतिथि विवि की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा की समाजोपयोगी शोध के माध्यम से जन समस्याओं के समाधान का स्थायी हल निकल सकता है। इस तरह के संवाद शोध की दिशा तय करने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। साथ ही, उन्होंने आपदा जोखिम वाले क्षेत्रों में जोखिम को कम करने और अनुकूलन में नेतृत्वकर्ताओं के रूप में महिलाओं की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया। इस मौके पर प्रो. राजेंद्र पी. ममगाईं, प्रो. अजय प्रताप सिंह, सोनाली शर्मा, निर्मला देवी, रीता नेगी, डॉ. जूही प्रसाद आदि मौजूद रहे।