जेबी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ करते मुख्य अतिथि।
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जेेबी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में शनिवार को ‘रिसेंट इनोवेशन इन इमरजिंग टेक्नोलॉजी एंड साइंस’ विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई। कार्यशाला का शुभारंभ ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) के डॉ. नीरज सक्सेना, यूजीसी के संयुक्त सचिव डॉ. जीएस चौहान, यूटीयू के वाइस चांसलर डॉ. नरेंद्र सिंह चौधरी और रजिस्ट्रार डॉ. अनिता रावत ने किया।
डॉ. नीरज सक्सेना ने कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में रोज नए आविष्कार हो रहे हैं। इन आविष्कारों ने मानव जीवन को बेहद आसान बना दिया है। कहा कि शोध हमेशा गरीब व्यक्ति को केंद्र में रख कर किए जाने चाहिए। इससे जीवन स्तर में सुधार लाया जा सके। कार्यक्रम में आईआईटी रुड़की के डॉ. रजत अग्रवाल, डॉ. वीके कौशिक, एनआईटी हमीरपुर के डॉ. टीपी शर्मा, पंतनगर विश्वविद्यालय की डॉ. सुधा अरोरा, डॉ. एम फिलेक्स, डॉ. आशुतोष भट्ट, एपीजेएकेआईटी टनकनपुर के डॉयरेक्टर डॉ. अमित अग्रवाल ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में कुलपति डॉ. नरेंद्र सिंह चौधरी और रजिस्ट्रार डॉ. अनिता रावत ने भी विचार रखे।
इस मौके पर वाइस चेयरमैन संदीप सिंघल, सेक्रेटरी रजत सिंघल, निदेशक डॉ. अमित बंसल, डॉ. अनुराग राय, रजिस्ट्रार डॉ. विशांत कुमार, मनोज चौधरी, किशोर भट्ट, दीपक अग्रवाल, डॉ. संजीव गिल, लाखन सिंह, पुनीत कुमार, डॉ. योगेंद्र सिंह चौहान, डॉ. एसएस रावत, धीरज अग्रवाल, वजाहत आदि मौजूद रहे।