देहरादून। वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने मंगलवार को आईटी पार्क स्थित एक मकान से रसेल वाइपर को पकड़ा। फिलहाल रसेल वाइपर को जंगल में छोड़ दिया गया है। रेस्क्यू टीम के मुताबिक रसेल वाइपर बेहद फुर्तीला और हमलावर होता है।
आईटी पार्क निवासी कृष्ण कुमार बंगवाल के अनुसार मंगलवार सुबह आंगन में एक सांप देखकर पालतू कुत्ता जोर-जोर से भौंक रहा था। कुत्ते के भौंकने की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे तो देखा आंगन में सांप बैठा था। परिजनों ने तत्काल इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दी। इसके बाद रेस्क्यू टीम के विशेषज्ञ रवि जोशी की अगुवाई में वनकर्मी मौके पर पहुंचे। काफी जद्दोजहद के बाद वनकर्मियों ने सांप को पकड़ लिया और बाद में जंगल में छोड़ दिया। रवि जोशी के मुताबिक पकड़ा गया सांप रसेल वाइपर था। यह सांप किंग कोबरा, सॉ स्केल्ड वाइपर, कोबरा, इंडियन करैत जैसे सांपों की तरह बेहद खतरनाक होता है। रसेल वाइपर भूरे रंग का होता है और इसके शरीर पर काले रंग के गोल धब्बे पाए जाते हैं। रसेल वाइपर सांप अमूमन आबादी क्षेत्रों में ही पाया जाता है। इसका शरीर किंग कोबरा और करैत जैसे सांपों से छोटा होता है, लेकिन यह बेहद फुर्तीला और हमलावर होता है।
पैट्रिक रसेल के नाम पर रखा गया था नाम
बेहद जहरीले खतरनाक सांपों में शुमार रसेल वाइपर का नामकरण सांपों पर शोध करने वाले सरीसृप विज्ञानी पैट्रिक रसेल के नाम पर रखा गया। जिन्होंने 1796 में भारतीय सांपों को लेकर कई शोध पत्र लिखे। रसेल वाइपर सांप वाईपैरेडी समूह का होता है। जो दुनिया के खतरनाक सांपों में शुमार है। रसेल वाइपर को कोरिवाला सांप के नाम से भी जाना जाता है। भारतीय उपमहाद्वीप में रसेल सांपों की संख्या सबसे अधिक पाई जाती है।