घर में खंडित हुई देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियों या चित्रों को लोग अक्सर सड़क पेड़ों के नीचे या मंदिर के आसपास छोड़ देते हैं। इससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। चंद्रबनी में एतिहासिक गौतम कुंड के पास भी रोजाना ऐसी मूर्तियां इधर-उधर नजर आ जाती हैं। इन मूर्तियों के विधि विधान से विसर्जन का जिम्मा उठाया है क्षेत्र के कुछ युवाओं ने। उनकी संस्था ने गौतम कुंड के पास संस्कार केंद्र की स्थापना की है। इस केंद्र का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यमंत्री जितेंद्र रावत मौनी ने किया।
संस्था के अध्यक्ष सागर क्षेत्री ने कहा कि कुंड में रोजाना काफी लोग पूजा-अर्चना करने के लिए आते हैं। कई लोग खंडित चित्र व मूर्ति इधर-उधर छोड़ देते हैं। इससे देवी-देवताओं का अनादर होता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि खंडित चित्रों और मूर्तियों को संस्कार केंद्र में रख दें। बाद में पूरे विधि विधान से इनका विसर्जन किया जाएगा। जितेंद्र सिंह मौनी ने भी संस्था की सोच को सराहा। इस दौरान भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमवीर राघव, सुखबीर बुटोला, मयंक, राधेश्याम कश्यप, प्रशांत नेगी, रमन यादव, दिनेश बिष्ट आदि मौजूद रहे।