सेरेन ग्रींस रियल एस्टेट परियोजना की ओर से हरित क्षेत्र पर अतिक्रमण कर निर्माण करने की शिकायत मिलने के बाद रेरा ने परियोजना के सभी प्रकार के निर्माण पर रोक लगा दी है। रेरा की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि हरित क्षेत्र में किसी भी रूप में तीसरे पक्ष के हित को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
दरअसल 17 मई को रेरा को शिकायत मिली थी कि सेरेन ग्रींस एस्टेट परियोजना हरित क्षेत्र में अतिक्रमण कर रही है। शिकायतकर्ताओं ने बताया था कि सक्षम प्राधिकारी एमडीडीए की ओर से स्वीकृत मानचित्र में परियोजना का हरित क्षेत्र 1822.05 वर्गमीटर है। इस पर सोसाइटी ने अतिक्रमण करते हुए अनाधिकृत भवन निर्माण शुरू कर दिया है। शिकायतकर्ताओं ने परियोजना स्थल की तस्वीरें भी साक्ष्य स्वरूप प्रस्तुत की थीं।
मार्च 2022 में समाप्त हो चुकी है पंजीकरण वैधता
इस पर रेरा की ओर से संबंधित जैमिनी पैकटेक प्रा. लि (विपक्षी) की परियोजना पंजीकरण पत्रावली तलब की गई थी। जिसमें पता चला कि परियोजना की पंजीकरण वैधता 31 मार्च 2022 को समाप्त हो चुकी है। लेकिन परियोजना की ओर से न तो पूर्णता प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया गया और न ही परियोजना के अवधि विस्तार के लिए प्राधिकरण में आवेदन दिया गया।
रेरा के सदस्य नरेश मठपाल ने बताया कि सेासाइटी की ओर से अधिनियम की धारा 14 का उल्लंघन किया गया है। इसलिए भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम 2016 की धारा 36 में प्रदान की गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए परियोजना के हरित क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण एवं निर्माण कार्यों पर तत्काल प्रभाव से अस्थाई रोक लगाई गई है।