गणतंत्र दिवस पर परेड ग्राउंड में होने वाले समारोह में इस बार खुखरी नृत्य देखने को नहीं मिलेगा। कोरोना के चलते सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से खुखरी नृत्य के लिए बच्चों को आमंतित्र नहीं किया गया है। बीते दो साल से गणतंत्र दिवस होने वाले समारोह में गोरखा मिलिट्री स्कूल के बच्चे खुखरी नृत्य की प्रस्तुति से सबको मंत्रमुग्ध करते थे।
परेड ग्राउंड में होने वाले गणतंत्र दिवस के समारोह में खुखरी नृत्य करने के लिए संस्कृति विभाग की ओर से गोरखाली सुधार सभा को जिम्मा सौंपा जाता था। सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा ने कहा कि गणतंत्र दिवस की परेड में खुखरी नृत्य को शामिल कर सरकार की ओर से गोरखा समुदाय के लोगों को सम्मान देने का काम किया गया था, लेकिन कोरोनाकाल में सुरक्षा को देखते हुए सरकार की ओर से हम सब के हक में फैसला लिया है।
बताया कि खुखरी नृत्य के लिए गोरखा मिलिट्री स्कूल के बच्चे कुछ दिन पहले से ही रिहर्सल करने लगते थे। लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना से जल्द निपटने के लिए हमें सरकार और प्रशासन का सहयोग करना होगा।
परेड में सामाजिक दूरी का रखा जाएगा ध्यान
हरिद्वार पुलिस लाइन में आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस की परेड में हर व्यक्ति को सामाजिक दूरी का ध्यान रखना होगा। वहीं परेड में हिस्सा लेने वाले पुलिसकर्मियों के साथ ही मेहमानों के लिए भी मुंह पर मास्क लगाकर जाना अनिवार्य होगा। परेड के मुख्य अतिथि शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक होंगे। गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई है।
72वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर रोशनाबाद स्थित पुलिस लाइन में परेड का आगमन सुबह 10.40 बजे होगा। जबकि परेड कमांडर 10 बजकर 45 मिनट पर अपना भार ग्रहण करेंगे। इसके बाद 10.50 पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का आगमन होगा। 10 बजकर 55 मिनट पर जिलाधिकारी पुलिस लाइन में पहुंचेंगे। 11 बजे मुख्य अतिथि शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक का आगमन होगा और वह परेड का निरीक्षण करेंगे।
इसके बाद परेड सलामी मंच से गुजरेगी और मुख्य अतिथि परेड की सलामी लेंगे। 11 बजकर 47 मिनट पर मुख्य अतिथि भाषण देंगे और इसके बार रंगारंग कार्यक्रम होंगे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने बताया कि परेड देखने के लिए आने वाली आम जनता के साथ ही पुलिसकर्मियों को भी मास्क लगाकर आना अनिवार्य होगा। इसके अलावा कार्यक्रम में सामाजिक दूरी का ध्यान भी विशेष रूप से रखा जाएगा।
देहरादून जिला प्रशासन ने सोमवार को घर-घर जाकर शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और राज्य आंदोलनकारियों के परिजनों को सम्मानित किया। कोरोना के चलते इस बार परेड मैदान में होने वाले कार्यक्रम में इन लोगों को आमंत्रित नहीं किया गया है।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सोमवार को अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और राज्य आंदोलनकारियों के परिजनों को घर पर ही शॉल व स्मृति चिह्न भेंट किए गए। अलग-अलग टीमों ने कालिदास रोड निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ओम कुमारी, यमुना कॉलोनी निवासी राम प्रताप बहुगुणा, शास्त्रीनगर निवासी सुंदर लाल बहुगुणा और बारूवाला ग्रांट निवासी साधू सिंह बिष्ट को सम्मानित किया।
इसके अलावा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित हरदेई थापा पत्नी स्व. राम प्रसाद थापा, पंडितवाड़ी, सीमा देवी पत्नी स्व. डिगर सिंह, पौंधा, प्रेमलता शर्मा पत्नी स्व शान्ति नारायण शर्मा, सर्कुलर रोड, रेणुका शर्मा पत्नी स्व. शान्ति नारायण शर्मा सहस्त्रधारा रोड, राजेश्वरी देवी पत्नी स्व. सत्येश्वर शर्मा, त्यागी रोड, पूर्णा देवी पत्नी ज्ञान सिंह, खुड़बुड़ा, अंजना ओबराय पत्नी स्व. ज्ञान प्रकाश ओबराय, रेसकोर्स और लक्ष्मी देवी पत्नी स्व. शंकर सिंह पंवार, सुमननगर को भी सम्मानित किया गया।
इसके अलावा सम्मानित होने वालों में शहीद राज्य आंदोलनकारियों के आश्रित धर्म सिंह चौहान, मसूरी, शान्ति ममंगाई, मसूरी, राजू पुत्र भगवान सिंह नेगी मसूरी, भगवान सिंह धनई, कुलड़ी, प्यारे देवी, मसूरी, जमुना देवी, मसूरी, भोपाल सिंह रावत, सहस्त्रधारा रोड, आनंदी देवी पत्नी स्व. महेन्द्र रावत नालापानी रोड, मंगला रावत पत्नी स्व. कुंदन सिंह रावत नेहरू कालोनी, सरोज लखेड़ा कारगी चौक, वाचस्पति अजबपुर खुर्द, राजेश वालिया बद्रीपुर, सोना देवी पत्नी स्व. महावीर नेगी डोईवाला, राजेंद्र सिंह कारबारीग्रान्ट विकासनगर और क्वरदेई स्व. जीत सिंह सेलाकुई भी शामिल रहीं।