पिछले साल जून में आई जलप्रलय के बाद क्षतिग्रस्त केदारधाम में मंदिर के जीर्णोद्धार का काम फिर शुरू हो गया है। धाम में पुनरुद्धार के साथ कई बदलाव भी किए जा रहे हैं। इसके फर्श से मारबल हटा केवल साधारण सीमेंट का फर्श रखा जाएगा।
नंदी के प्लेटफार्म को भी राजस्थानी कारीगर रंग देने में जुटे हैं। मौसम ठीक होते ही एएसआई केमिकल ब्रांच की टीम भी कंजरवेशन के लिए रवाना हो गई है।
सितंबर तक ही होगा काम
एएसआई दून सर्किल के अधीक्षण पुरातत्वविद् अतुल भार्गव के अनुसार अक्तूबर माह में केदारनाथ मंदिर को बंद कर दिया जाता है, लिहाजा केवल सितंबर का माह ही है, जिसमें इस साल अभी काम हो पाएगा।
इसे देखते हुए बगैर समय नष्ट किए टीम वहां के लिए रवाना कर दी गई है। मंदिर के भीतरी कार्य के साथ ही बाहरी दीवारों पर रासायनिक संरक्षण के काम को यह टीम अंजाम दे रही है।
25 कारीगर जुटे हैं काम में
25 कारीगर यहां मारबल से जुड़े काम के लिए जुटे हैं। एक कारीगर हर दिन 1000 हजार रुपये ले रहा है। उनके लिए वहां हल्की वर्षा से बचने के लिए टेंट लगाए गए हैं, ताकि काम निरंतर चलता रहे।