बक्सा, पलंग, गहने और यहां तक की चम्मच भी। केदारनाथ में पुरोहितों के जर्जर मकानों के ध्वस्तीकरण में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की टीम को हथौड़े की चोट के साथ ही इन सामानों की खोज भी करनी पड़ रही है।
वैसे तो टनों मलबे में दबी एक चम्मच तक सुरक्षित निकालना कोई साधारण काम नहीं है, लेकिन निम की टीम इस काम को भी बखूबी कर रही है। केदारनाथ में वैली पुल से लेकर मंदिर तक का 50 फुट का रास्ता साफ हो चुका है। इसमें आड़े आ रहे पुरोहितों के मकान अब ध्वस्त किए जा रहे हैं।
बर्फबारी के बीच यह काम जारी है। देवदर्शन में बाधा बन रहे इन मकानों को गिराने में निम को खासी चुनौती का भी सामना करना पड़ रहा है। असल में पुरोहितों को मनाने की कोशिश में जो शासनादेश जारी हुआ।
उसमें साफ था कि भवन गिराने से पहले संबंधित परिवार की सहमति से सूची बनाई जाएगी और इसके आधार पर यथासंभव सामान सुरक्षित निकाला जाएगा। अब प्रभावित परिवारों की ओर से सोने-चांदी के गहनों को तो सूचीबद्ध कराया ही गया है साथ ही चम्मच समेत अन्य छोटा-मोटा सामान भी गिनाया जा रहा है।