नैनीताल हाईकोर्ट ने शिक्षा मित्रों को टीईटी में छूट प्रदान करने संबंधी शासनदेश के मामले में दायर स्पेशल अपील पर सुनवाई के बाद सरकार को आदेश दिया है कि शिक्षा मित्रों की यदि नियमित नियुक्ति की जाती है तो सरकार को नियुक्ति पत्र पर स्पष्ट उल्लेख करना होगा कि यह नियुक्ति अस्थायी होगी तथा यह स्पेशल अपील के निर्णय के अधीन होगी।
शिक्षा मित्रों को टीईटी से दी गई थी छूट
मामले की अगली सुनवाई 13 मार्च 2015 को होगी। मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार पूर्व में प्रवीण कुमार और अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि सरकार की ओर से शासनादेश जारी किया गया है जिसके तहत शिक्षा मित्रों को टीईटी से छूट प्रदान की गई थी।
इस शासनादेश को याचियों ने ने चुनौती दी थी। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद शिक्षा मित्रों को टीईटी से छूट प्रदान करने के शासनादेश को निरस्त कर दिया था। एकलपीठ के इस आदेश को सरकार और अन्य शिक्षा मित्रों की ओर से स्पेशल अपील दायर कर चुनौती दी गई थी।
पक्षों को सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार को आदेश दिया है कि शिक्षा मित्रों को यदि नियमित नियुक्ति दी जाती है तो सरकार को नियुक्ति पत्र में स्पष्ट उल्लेख करना होगा कि उक्त नियुक्ति अस्थायी होगी तथा यह नियुक्ति स्पेशल अपील के निर्णय के अधीन होगी।