राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में जमरानी बांध बहुउद्देश्यीय परियोजना के दायरे में आ रहे छह गांवों के 1323 परिवारों के पुनर्वास के लिए नई नीति के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। विस्थापन के लिए जमरानी बांध बहुउद्देश्यीय परियोजना के लिए पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन नीति- 2022 को मंजूरी दी गई है।
नई नीति के अनुसार छह गांवों के 1323 प्रभावित परिवारों को उनके पूर्ण, आंशिक रूप से प्रभावित होने पर तीन श्रेणियों में विभाजित करते हुए पुनर्वास एवं मुआवजा दिया जाएगा। करीब 2584 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली जमरानी बांध परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 90 अनुपात 10 के तहत निवेश की स्वीकृति प्रदान की गई है।
नई नीति के बाद अब शीघ्र ही पुनर्वास सहित निर्माण कार्यों को शुरू किया जा सकेगा। परियोजना के तहत 57065 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई के साथ-साथ हल्द्वानी शहर को वर्ष 2055 तक 42 एमसीएम पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। जबकि 63 मिलियन यूनिट वार्षिक विद्युत उत्पादन भी किया जा सकेगा। परियोजना को वर्ष 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
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इन छह गांवों का होना है पुनर्वास
जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना की पुनर्वास नीति पर मुहर लगने के बाद अब पुनर्वास व पुनर्व्यवस्थापन योजना का प्रकाशन और घोषणा की कार्रवाई की जाएगी। घोषणा के बाद प्रभावित गांव तिलवाड़ी, मुरकुड़िया, उड़वा, गनराड़, पनियाबोर और पस्तोला को पुनर्वासित किया जाएगा। पुनर्वास स्थल प्राग फार्म का शीघ्र ही मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही वहां मूलभूत विकास की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।