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Dehradun News: दून में रजिस्ट्री फर्जीवाड़ा का मामला, 30 से अधिक नए मुकदमे होंगे दर्ज

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रजिस्ट्री फर्जीवाड़े की जांच कर रही एसआईटी जून में जालसाजों पर शिकंजा और कड़ा करेगी। पंजीकृत 270 शिकायतों की जांच के आधार पर करीब 30 नए मुकदमे दर्ज कराए जाएंगे। इस मामले में पहले ही 16 मुकदमों में 20 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अगस्त में विशेष जांच दल (एसआईटी) अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप देगा।
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देहरादून में जमीन फर्जीवाड़े संबंधी सभी मामलों की जांच कर रही एसआईटी के पास शिकायतों की भरमार है। टीम ने पिछले दस महीने में शिकायतों का परीक्षण करने के बाद 16 से अधिक मुकदमे दर्ज कराए। करीब 15 से अधिक आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर गैंगस्टर में मुकदमा दर्ज किया गया। सूत्रों के मुताबिक जितने भी मुकदमे अब तक दर्ज किए गए हैं, इससे अधिक मुकदमे जून में पंजीकृत कराने की तैयारी है। अभी अलग-अलग बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जांच के अंतिम चरण में जालसालों के खिलाफ 30 से अधिक मुकदमे दर्ज कराए जाएंगे।
200 मामलाें का हुआ निस्तारण
सितंबर में शासन में हुई बैठक में जांच अधिकारियों की ओर से कुल मामलों की जानकारी दी गई। इसमें यह भी बताया गया कि कुल 270 मामलों में करीब 200 से अधिक मामले ऐसे हैं, जिन्हें राजस्व विभाग की मदद से निस्तारित कराया गया। इनमें दस्तावेजों में मामूली गड़बड़ी या किन्हीं अन्य कारणों से भू स्वामियों को दिक्कत हो रही थी।
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तीन तरह की शिकायतें आईं
1. जमीन के दस्तावेज फर्जी बना लिए गए। फर्जी लोग ही जमीन के मालिक बनकर सामने आए। फर्जी दस्तावेजों से जमीन का सौदा कर दिया।

2. जमीन के राजस्व अभिलेख बदलकर जमीन का सौदा कर लिया गया।
3. सरकारी जमीनों को अपने नाम दर्ज करा लिया। राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी कराकर इसे बेच भी दिया गया।

केस एक
इंग्लैंड निवासी एनआरआई महिला की करोड़ों की भूमि के फर्जी दस्तावेज बनाए गए। आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरोह के सदस्य देहरादून में लंबे समय से खाली पड़ी जमीनों पर नजर रखते थे। इसके बाद मौका मिलते ही जमीनों के फर्जी कागज तैयार कर अन्य लोगों को बेच देते थे।

केस दो
गाजियाबाद के रियल एस्टेट कारोबारी से करोड़ों रुपये की ठगी जमीन बेचने के नाम पर की गई। उसे जालसालों ने डांडा नूरीवाला में सात प्लॉटों के बैनामे किए। जब दाखिल खारिज की बात आई तो पता चला कि दाखिल खारिज नहीं हो सकता। जांच में पता चला कि इस जमीन का मुख्तारेआम ही फर्जी है। इस तरह फर्जीवाड़े की पोल खुली और पुलिस कार्रवाई हुई।
डीएम सोनिका ने कहा कि रजिस्ट्री फर्जीवाड़े की जांच एसआईटी स्तर पर चल रही है। एसआईटी ही मामलों की सुनवाई कर रही है। जिला प्रशासन के पास अगर कोई शिकायत आती है तो उसे एसआईटी को प्रेषित कर दिया जाता है। अब तक बड़े पैमाने पर जालसालों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है, कोई भी आरोपी कार्रवाई के शिकंजे से बच नहीं पाएगा।
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