नियमों में प्रावधान करना होगा
घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्री कराने की सुविधा छह महीने में उपलब्ध करा दी जाएगी। इसके लिए विभाग को पहले नियमों में प्रावधान करना होगा। इस प्रक्रिया में समय लगेगा। रजिस्ट्रेशन के साफ्टवेयर में जमीन से संबंधित अभिलेख ऑनलाइन अपलोड कराने की सुविधा होगी।
चरणबद्ध ढंग से आगे बढ़ेगी योजना
सरकार ऑनलाइन रजिस्ट्री की सुविधा सबसे पहले बुजुर्गों, दिव्यांगों और महिलाओं को देगी। चरणबद्ध ढंग से इसे आगे बढ़ाया जाएगा। रजिस्ट्रेशन के लिए एक एप्लीकेशन होगी। व्यक्ति वीडियो कॉल के माध्यम से सब रजिस्ट्रार के समक्ष प्रस्तुत होकर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करा सकेगा। वकील और पक्षकार भी ऑनलाइन अभिलेख प्रस्तुत करा सकेंगे।
भूमि, भवन व संपत्तियों की आधार सिडिंग और ऑनलाइन रजिस्ट्री की सुविधा जल्द शुरू की जाएगी। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इससे लोगों को सुविधा मिलने के साथ ही प्रक्रिया में भी पारदर्शिता आएगी। - दिलीप जावलकर, सचिव (वित्त)