टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग आज छोटे वाहनों के लिए खुल जाएगा। स्वांला के पास काफी मलबा आने से यह मार्ग पिछले 13 दिसंबर से बंद था। बड़े वाहनों के लिए आवाजाही 30 दिसंबर से शुरू होने की संभावना है।
दस दिन तक रात-दिन काम करने के बाद स्वांला में जमींदोज हुए सड़क के करीब 150 मीटर हिस्से को ठीक कर लिया गया है। खाई की तरफ से ड्रिलिंग के जरिये चौड़ाई व सुरक्षा दीवार बनाकर सड़क को दुरुस्त किया गया है। मार्ग की चौड़ाई बड़े वाहनों के लिए सुरक्षित न होने से फिलहाल इस पर बस, ट्रक व अन्य बड़े वाहनों का संचालन प्रतिबंधित रहेगा।
25 दिसंबर से लेकर 28 दिसंबर के बीच देहरादून जिले में रात का न्यूनतम तापमान पांच डिग्री या इससे नीचे जा सकता है। हालांकि इस बीच दिन में धूप खिली रहेगी। कोहरे से कुछ राहत मिलेगी। रविवार को भी धूप निकलने से मौसम में गरमाहट रही।
बीते सप्ताह में न्यूनतम तापमान पर एक नजर
15 दिसंबर : 9.8
16 दिसंबर : 6.8
17 दिसंबर : 8.4
18 दिसंबर : 7.0
19 दिसंबर : 8.0
20 दिसंबर : 9.0
21 दिसंबर : 7.0
22 दिसंबर : 6.6
केदारनाथ में बर्फबारी से बनी स्थिति का जायजा लेने के लिए वुड स्टोन ने चार सदस्यीय टीम को सोनप्रयाग से धाम भेजा गया। धाम में अब भी कंपनी के 10 लोग मौजूद हैं। यहां छह फीट से अधिक बर्फ से केदारपुरी में बिजली, पानी और संचार सेवा बाधित है। पुनर्निर्माण कार्य भी ठप पड़े हुए हैं।
12/13 दिसंबर को हुई भारी बर्फबारी के बाद से केदारनाथ का जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग से संपर्क कटा हुआ है। पैदल मार्ग से धाम तक बिजली लाइन को व्यापक क्षति पहुंची है। मोबाइल व डीएसपीटी सेवा ठप पड़ी है। आदिगुरू शंकराचार्य के समाधि स्थल के पुनर्निर्माण व तीर्थ पुरोहितों के भवन बना रही वुड स्टोन के टीम लीडर मनोज सेमवाल ने बताया कि बर्फबारी के चलते 42 मजदूर पहले ही वापस आ गए थे।
अब, वहां सिर्फ 10 ही मजदूर वहां मौजूद हैं। रविवार को चार सदस्यीय टीम को सोनप्रयाग से केदारनाथ भेजा गया है। टीम के लौटने पर धाम की वास्तविक स्थिति का पता लग सकेगा। इसके बाद ही आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
दिनभर मौसम रहा सुहावना
केदारनाथ व जनपद में मौसम दिनभर सुहावना रहा। इस दौरान धूप खिली रही। धाम समेत द्वितीय केदार मद्महेश्वर, तृतीय केदार तुंगनाथ, चोपता, दुगलबिट्टा, कालशिला, चिरबटिया अब भी बर्फ से ढके हुए हैं।