बल्लीवाला फ्लाईओवर पर फिर हादसे में दो युवकों की मौत के बाद रविवार को एसपी ट्रैफिक ने फ्लाईओवर का मुआयना किया। यहां दुघर्टना के कारणों की नए सिरे से तलाश शुरू हो गई है। वहीं, तय किया गया है कि यह फ्लाईओवर अब रात को भी पुलिस की निगरानी में रहेगा।
रविवार को एसपी ट्रैफिक प्रकाश चंद्र आर्य ने एक बार फिर बल्लीवाला फ्लाई ओवर का निरीक्षण किया। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के साथ ही वसंत विहार थानाध्यक्ष को भी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के दिशा निर्देश दिए। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि दिन के समय पुल के समीप ट्रैफिक पुलिस दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए खड़ी रहती है। तेज और खतरनाक तरीके से वाहन चलाने वालों के खिलाफ चेकिंग अभियान भी चलाया जाता है। रात को थाने की पुलिस को नजर रखने को कहा गया है।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में पुल पर स्पीड वायोलेशन डिटेक्शन सिस्टम लगाने का सुझाव दिया गया था। इससे तेज गति से वाहन चलाने वाले का ऑटोमेटिकली चालान हो जाता है। जो वाहन स्वामी के पते पर भेजा जाता है। इस सिस्टम को लगाने की अनुमति के लिए दोबारा से जिलाधिकारी को प्रस्ताव भेजकर अनुरोध किया जाएगा। ताकि लोगों में इसका डर रहे। दुर्घटनाओं पर और अंकुश कैसे लगाया जा सकता है, इसके लिए एनएच के अधिकारियों से भी वार्ता की जाएगी। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि खतरनाक और अधिक तेज गति से वाहन न चलाएं।
लोनिवि का प्लान भी नहीं हुआ कामयाब
अप्रैल माह में हादसों के बाद चीफ इंजीनियर लोनिवि (एनएच) हरिओम शर्मा ने भी टीम को संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए थे। उस वक्त फौरी तौर पर कहा कि फ्लाईओवर की लंबाई 200 मीटर दोनों तरफ बढ़ानी होगी। लेकिन, अभी तक इसका कोई हल नहीं निकल सका। चीफ इंजीनियर का अब कहना है कि लंबाई बढ़ाना फिजिबल नहीं था। इसलिए यह प्लान आगे नहीं बढ़ाया गया। ऐसे में अब कुछ और संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।