काशीपुर में कांग्रेस प्रत्याशी मुक्ता सिंह को अपनी बहुओं के विरोध से जूझना पड़ रहा है। एक बहू ने उनके खिलाफ दहेज उत्पीड़न के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया हुआ है तो भतीजे की पत्नी भाजपा के टिकट पर सास के खिलाफ चुनाव प्रचार में उतर गई है। भाजपा ने वार्ड नंबर 33 से कांग्रेस प्रत्याशी मुक्ता सिंह के ताऊ की पौत्रवधू मीनाक्षी सिद्धू को पार्षद पद का टिकट दिया है। मीनाक्षी अपने चुनाव के साथ ही भाजपा से मेयर पद की प्रत्याशी ऊषा चौधरी के समर्थन में चुनाव प्रचार कर रही हैं। इससे पूर्व मीनाक्षी कांग्रेस से पार्षद रह चुकी हैं।
राष्ट्रीय दल का सिबंल भी लौटा रहे हैं प्रत्याशी
नगर निगम में पार्षदी का चुनाव लड़ने वाले कुछ प्रत्याशी राष्ट्रीय दलों का सिंबल लेने से भी हिचक रहे हैं। तमाम वार्डों में कार्यकर्ता पार्षदी का चुनाव अपनी ही पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ लड़ रहे हैं। कुछ ने प्रत्याशी घोषित होने के बावजूद पार्टी का सिंबल नहीं स्वीकारा। कांग्रेस ने वार्ड संख्या 37 से वैशाली गुप्ता को अपना प्रत्याशी बनाया था। वैशाली निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रही हैं। उनका कहना है कि उनका वार्ड बहुत छोटा है। पहले वह पार्टी के टिकट पर हार चुकी हैं। अब दुबारा रिस्क लेने के लिए तैयार नहीं है।
एक भाजपाई ने पार्टी तो दूसरे ने टिकट छोड़ा
कपकोट में भाजपा से टिकट मांग रहे दीपक सिंह ऐठानी ने कांग्रेस का दामन थामा और भाजपा प्रत्याशी नितेश वर्मा निक्की ने निर्दल चुनाव लड़ने का एलान किया।
दीपक को कांग्रेस ने भराड़ी वार्ड से सदस्य के तौर पर मैदान में उतारा है। चंडिका वार्ड से नितेश वर्मा निक्की को भाजपा ने रविवार को जारी सूची में अधिकृत प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतारा था। नितेश ने जारी बयान में कहा कि उन्होंने भाजपा से टिकट नहीं मांगा था। उन्हें जबरन भाजपा प्रत्याशी दर्शाया गया है।
नई टिहरी में कई दिनों की खींचतान के बाद आखिरकार कांग्रेस ने नई टिहरी नगर पालिकाध्यक्ष पद के लिए पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण की पत्नी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अंबिका सजवाण पर दांव खेला है। अंबिका के प्रत्याशी घोषित होते ही कांग्रेस में बगावत शुरू हो गई है। कांग्रेस के तीन अन्य दावेदारों ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान करते हुए मंगलवार को नामांकन का निर्णय लिया है।
चुनाव की घोषणा होते ही कांग्रेस में दावेदारों के चयन को लेकर मंथन का दौर शुरू हो गया था। नई टिहरी पालिकाध्यक्ष पद के लिए चार कार्यकर्ता दावेदारी पेश कर समर्थकों के साथ बड़े नेताओं के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन आखिरकार सोमवार को कांग्रेस हाईकमान ने लंबी खींचतान के बाद टिहरी पालिकाध्यक्ष पद पर पूर्व मंत्री शूरवीर सजवाण की पत्नी व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अंबिका सजवाण को टिकट दे दिया है।
अंबिका को टिकट मिलते ही पार्टी में बगावत शुरू हो गई है। लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहे तीन अन्य दावेदारों ने निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने का मन बनाया है। कांग्रेस से टिकट के दावेदारी कर रही सीमा कृषाली, विजयलक्ष्मी थलवाल और शकुंतला नेगी ने टिकट वितरण पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मंगलवार को निर्दलीय नामांकन कराने का एलान किया है। कांग्रेस के तीन दावेदारों के निर्दलीय मैदान में उतरने से पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के सामने मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
इसके साथ ही कांग्रेस ने नगर पंचायत घनसाली में अपना अधिकृत प्रत्याशी बदला है। रविवार को जारी सूची में नागेंद्र सजवाण को प्रत्याशी बनाया था, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध को देखते हुए पूर्व जिला पंचायत सदस्य डा. नरेंद्र डंगवाल को अब पार्टी का टिकट दिया गया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सूरज राणा का कहना है कि सभी दावेदार कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता है। टिकट न मिलने से नाराज दावेदारों को मनाने का प्रयास किया जाएगा।
शिवालिकनगर नगर पालिका में भाजपा की ओर से घोषित किए गए अध्यक्ष पद के प्रत्याशी राजीव शर्मा का टिकट कटवाने दिल्ली और देहरादून तक की दौड़ लगा रहे भाजपाइयों को निराशा हाथ लगी है। अभी तक पार्टी ने कोई संज्ञान नहीं लिया है। सूत्रों की माने तो विरोध करने वालों से सख्ती से निपटने की चेतावनी तक दे डाली है। अब असंतुष्ट भाजपाई नई रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
शनिवार की रात भाजपा ने शिवालिकनगर नगर पालिका से अध्यक्ष पद पर राजीव शर्मा को प्रत्याशी घोषित किया था। रानीपुर क्षेत्र के विधायक आदेश चौहान के समर्थक रानीपुर मंडल के भाजपाई राजीव शर्मा को टिकट दिए जाने का विरोध कर रहे हैं। बड़ी संख्या में भाजपाइयों ने शनिवार को देहरादून पहुंचकर पार्टी मुख्यालय पर अपनी नाराजगी जताई थी। यहां तक भी चेतावनी दी थी कि यदि राजीव शर्मा का टिकट नहीं बदला गया तो वह अपना प्रत्याशी निर्दलीय उतार देंगे।
दिल्ली में भी कुछ लोगों ने दस्तक दी, लेकिन रात करीब 12 बजे तक डेरा डाले रहने के बाद भी पार्टी हाईकमान ने उनकी कोई बात नहीं सुनी और पार्टी के लिए काम करने की नसीहत देकर लौटा दिया। इसके बावजूद असंतुष्ट भाजपाई दिनभर अपने हिसाब से रणनीति बनाने में जुटे रहें। सूत्रों की माने तो अब वे निर्दलीय प्रत्याशी उतारने पर ही विचार कर रहे हैं। उधर पार्टी हाईकमान के रुख को भांपते ही राजीव शर्मा ने डैमेज कंट्रोल भी शुरू कर दिया है। सोमवार को उन्होंने दिनभर कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों से मुलाकात की।