30-30 मेगावाट की चार मशीनों से होता है विद्युत उत्पादन
प्रबंध निदेशक ने बताया कि छिबरो की डाउन-स्ट्रीम में वर्ष 1984 में खोदरी जल विद्युत परियोजना (120 मेगावाट) की स्थापना की गई थी। इस परियोजना से अगस्त में 65.589 मिलियन यूनिट का विद्युत उत्पादन हुआ। निगम की स्थापना के बाद से अब तक का अगस्त माह का सर्वाधिक विद्युत उत्पादन है। इससे पूर्व अगस्त 2021 में 63.814 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया गया था। इस परियोजना में 30-30 मेगावाट की चार मशीनों से विद्युत उत्पादन होता है। छिबरो और खोदरी परियोजनाओं का परिचालन टेंडम कंट्रोल तकनीक से किया जाता है। यह देश में अपनी तरह का पहला प्रयोग है।
उन्होंने बताया कि यमुना पर वर्ष 2022 मेंं व्यासी जल विद्युत परियोजना से उत्पादन शुरू हुआ था। इस बार अगस्त में परियोजना में 86.787 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन हुआ है। यह एक माह का सर्वाधिक उत्पादन है। परियोजना में 60-60 मेगावाट क्षमता की दो मशीनों से उत्पादन होता है।
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कुल्हाल में लक्ष्य से अधिक उत्पादन
प्रबंध निदेशक ने बताया कि वर्ष 1975 में यमुना, टोंस और आसन नदियों के जल से पोषित कुल्हाल जल विद्युत परियोजना (30 मेगावाट) की स्थापना हुई है। परियोजना से अगस्त में 18.795 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन हुआ। यह मासिक लक्ष्य से अधिक था। परियोजना में 10-10 मेगावाट की दो मशीनों से उत्पादन किया जाता है।