रुड़की में लिब्बरहेड़ी के दो मुस्लिम युवकों ने अपने भाइयों से बिछुड़कर भटक रहे बाल कावंड़िये को उसके भाइयों से मिलाकर भाईचारे की मिसाल कायम की है।
यह बाल कांवडिया अपने भाइयों से बिछुड़कर लिब्बरहेडी नहर पुल पर पहुंच गया था। जहांगीरपुरी दिल्ली निवासी 12 वर्षीय नवीन के लिए दो मुस्लिम युवक बजरंगी भाईजान जैसे साबित हुए। इन युवकों ने न केवल उसे दिलासा दिया बल्कि दस किलोमीटर तक भागदौड़ करते रहे।
नवीन अपने भाइयों के साथ कांवड़ लेकर हरिद्वार से लौट रहा था। रास्ते में वह उनसे अलग हो गया और लिब्बरहेड़ी नहर पुल पर पहुंच गया। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी जब उसके भाई नहीं आये तो वह घबराकर रोने लगा।
उसी समय लिब्बरहेड़ी के दो युवक शाकिर और साकिब स्कूटर से मंगलौर आ रहे थे। उन्होंने नवीन को रोते देखा तो कारण पूछा। नवीन ने उन्हें बताया कि वह अपने भाइयों से बिछुड़ गया है।
इस पर दोनों उसे लेकर मंगलौर नहर पुल पर बने पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे । वहां मौजूद एसएसआई नवीन सेमवाल ने एनाउंसमेंट किया लेकिन उसके भाई नहीं मिले।
इस पर दोनों युवक उसे लेकर पहले गुड़ मंडी और बाद में आसफनगर मोड़ के पास चल रहे भंडारे में पहुंचे जहां नवीन के भाई उसे मिल गये। इसके बाद पुलिस के सामने दोनों ने नवीन को उसके भाइयों के हवाले कर दिया।