एलटी अध्यापकों के लिए उत्तराखंड अधीनस्थ शिक्षा (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) सेवा नियमावली 2014 पर मंत्रिमंडल की मुहर से लगभग चार हजार रिक्त पदों को भरने का रास्ता खुल गया है।
सेवा नियमावली के तहत एलटी अध्यापक बनने के लिए टीईटी (टीचर इलेजिबिलिटी टेस्ट) अनिवार्य होगा। 60 फीसदी पदों पर प्रवेश परीक्षा के माध्यम से भर्ती होगी जबकि 40 फीसदी जूनियर हाईस्कूल से पदोन्नति और विभागीय परीक्षा के माध्यम से भरे जाएंगे।
प्रदेश सरकार युवाओं के लिए शिक्षा विभाग में नौकरी का रास्ता खोलने जा रही है। लंबे समय से लटकी हुई एलटी शिक्षकों की सेवा नियमावली आने से खाली पदों पर भर्ती शुरू हो पाएगी। सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थी को टीईटी देना होगा।
जूनियर हाईस्कूल में कार्यरत शिक्षकों को भी लाभ
विभाग को लगभग चार हजार पदों पर भर्ती करनी है। सेवा नियमावली में जूनियर हाईस्कूल में कार्यरत शिक्षकों को भी लाभ दिया जाएगा। पदोन्नति के माध्यम से एलटी अध्यापक बनने के लिए पहले 25 फीसदी पद आरक्षित थे, जिन्हें अब बढ़ाकर 30 फीसदी कर दिया है।
इसके साथ ही विभागीय परीक्षा के माध्यम से एलटी अध्यापक बनने के लिए पहले केवल पांच फीसदी पद आरक्षित थे, जिन्हें बढ़ाकर 10 फीसदी कर दिया गया है। पदोन्नति और विभागीय परीक्षा में बढ़े आरक्षण से सीधी भर्ती में 60 फीसदी पद शेष बचे हैं। सीधी भर्ती के लिए प्रवेश परीक्षा में शैक्षणिक गुणांक यानि एनसीसी, एनएसएस आदि का मिलने वाला लाभ मेरिट मे शामिल नहीं होगा।