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'हिंदुओं को बांटने का काम कर रहे हैं शंकराचार्य'

Mon, 23 Jun 2014 08:53 PM IST
अमर उजाला, हरिद्वार
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शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की ओर से साईं बाबा की पूजा को गलत बताए जाने पर साईं बाबा के भक्तों ने नाराजगी जाहिर की है।
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साईं बाबा के भक्तों का कहना है कि किसी के बयान से उनकी आस्था डिगने वाली नहीं है। साईं के प्रति उनका विश्वास और गहरा होगा।

शिरडी साईं दर्शन चेरिटेबल ट्रस्ट के सचिव विकास गर्ग का कहना है कि धर्म के जिम्मेदार पद का निर्वहन करने वाले शंकराचार्य को ऐसा विवादित बयान नहीं देना चाहिए था। साईं बाबा में करोड़ों लोगों की आस्था है।

यह बयान उनकी आस्था को चोट पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा बयान देकर शंकराचार्य हिंदुओं को बांटने का प्रयास कर रहे हैं।
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बयान पर आपत्ति

साईं परिवार से जुड़े श्याम कोचर, खुशी माटा और तीर्थराम भाटिया आदि ने भी शंकराचार्य के बयान पर आपत्ति जताई है।

साईं भक्तों का कहना है कि पूजा-अर्चना आस्था से जुड़ा मुद्दा है। इसे चर्चा अथवा बहस का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। कौन किसकी पूजा करता है और किसे मानता है, यह मन की श्रद्धा पर निर्भर करता है।

लोग किसे मानें और किसे नहीं मानें, इसके लिए कोई पाबंदी नहीं लगाई जा सकती। साईं के भक्तों का कहना है कि बेवजह और बिना किसी संदर्भ के साईं बाबा का नाम लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है। इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।

बंद हों साईं संध्या

साईं मंदिरों का निर्माण भारतीय सनातन धर्म परंपरा के विरुद्ध है। साईं संध्याओं में अल्लाह-अल्लाह का गान खुद इस्लाम का अपमान है। अजमेर शरीफ और कलियर शरीफ जैसे प्रसिद्ध मुस्लिम तीर्थों पर कभी भी साईं के गीत नहीं गाए जाते।

हिंदू संस्कृति के अनुसार मंदिर केवल उस के बनाए जाते हैं, जो भगवान का अवतार हो। देश में साईं संध्या बंद की जानी चाहिए। साईं महापुरुष हो सकते हैं पर उनके मंदिर बनाना धर्म का अपमान है। संत समाज पूरी तरह जगद्गुरु शंकराचार्य के बयान का समर्थन करता है।
-स्वामी अच्युतानंद तीर्थ, भूमा पीठाधीश्वर

भगवान नहीं थे साईं बाबा

साईं बाबा भगवान नहीं थे। जगद्गुरु शंकराचार्य ने ठीक ही कहा है कि उनके मंदिर नहीं बनाएं जाने चाहिए। साईं बाबा की गिनती संत और पीर के रूप में हो सकती है, भगवान या अल्लाह के रूप में नहीं। साईं बाबा भगवान का कोई अवतार नहीं थे।

यह बेहद दुख का विषय है कि जगह-जगह साईं के मंदिर बनाकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। एक महा पुरुष के रूप में देश में बहुत से लोगों को पूजा जाता है। उनके  मंदिर कोई नहीं बनाता। साईं को भगवान मानकर मंदिर बनाने की परंपरा तत्काल बंद होनी चाहिए।
-महामंडलेश्वर कपिल मुनि, परमाध्यक्ष हरे राम आश्रम।
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साईं मंदिरों में न जाएं हिंदू: शंकराचार्य

सोमवार को शारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि हिंदुओं को साईं के मंदिरों में नहीं जाना चाहिए।

देश में जगह-जगह साईं के मंदिर बनाना भी गलत है। साईं न तो हिंदू थे और न भगवान के अवतार। धर्म को नष्ट करने की साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आडंबर की जड़ महात्माओं का पाखंड
शिरड़ी के साईं बाबा ने कभी खुद को भगवान नहीं कहा। वे तो एक मामूली से कपड़ा पहन कर जीवन बीताते थे। दुर्भाग्य से धर्म के नाम पर दुकान चलाने वाले लोगों ने साईं के मंदिर बना दिए। पीछे जाएं तो इसके लिए इसके पीछे महात्माओं का पाखंड मिलेगा। वास्तव में बड़े-बड़े संत आश्रमों में अपनी पूजा कराते हैं, अपनी आरती उतरवाते हैं। शास्त्र में ऐसा कहां लिखा है। बड़े-बड़े साधु-संतों की देखा-देखी साईं बाबा के भक्त उनका मंदिर बनाने लगे। साईं बाबा ने कभी नहीं कहा कि उनके जाने के बाद कोई उनका मंदिर बनाएं।
-बाबा हठयोगी दिगंबर, राष्ट्रीय प्रवक्ता अखाड़ा परिषद और संत समिति।
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