ज्वेलर्स को गोल्ड (मेटल) लोन लेने में दिक्कत पेश आ सकती है। रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआई) ने गारंटी देने वाले बैंक के साथ ही लोन देने वाले बैंक को भी लोन से पहले ज्वेलर्स का ट्रैक रिकॉर्ड जांचने के निर्देश दिए हैं। कई ज्वेलर्स के लोन के संबंध में फ्राड सामने आने का उसने हवाला दिया है।
आरबीआई ने केवल उन्हीं ज्वेलर्स को लोन देने की सिफारिश की है, जो ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग के काम से जुड़े हैं। गोल्ड बिक्री करने वालों पर निगाह रखे जाने के निर्देश दिए हैं।
इसी दो अप्रैल को बैंक के चीफ जनरल मैनेजर (सीजीएम) राजेश वर्मा की तरफ इस संबंध में पत्र जारी किया गया है।
स्टॉक का हो निरीक्षण
इसमें यह भी कहा गया है कि समय-समय पर ज्वेलर्स के स्टॉक का निरीक्षण किया जाए। गोल्ड स्टॉक का क्वालिटी चेक हो, इसके साथ ही इंश्योरेंस कवर का वेरीफिकेशन भी किया जाए ताकि स्कीम का दुरुपयोग न होने पाए। यह कार्य उसने रुटीन बेसिस पर किए जाने की नसीहत दी है।
इनका कहना है
यह प्रक्रिया बिल्कुल सही है। ज्वेलर्स/मैन्युफैक्चरर को गोल्ड मेटल लोन दिए जानेेे से पहले सभी तरह की तसल्ली कर ली जानी चाहिए। हालांकि दून में इस तरह के फ्राड का मामला सामने नहीं आया है।
-प्रवीण जैन, अध्यक्ष, सराफा मंडल, देहरादून