गरीब विधवा मां के खतिर 19 साल की रजिया ने अपनी एक साल की शादी मे सारे गम देख लिए। लेकिन जब जुल्म की इंतहा हो गई तो शांत समंदर में तूफान आ गया। पति ने तीन तलाक देकर घर से निकाला तो रजिया ने आपबीती सुनाई। बात शुरू ही हुई कि वह फूट-फूट कर रो पड़ी।
रजिया ने मंगलवार को आपबीती सुनाई। उसने कहा कि अपनी गरीब मां और चाचा की इज्जत की खातिर वह अब तक हर दर्द सहती रही। उसे उम्मीद थी कि एक न दिन उसका पति बदल जाएगा, लेकिन उसने बेइंतहा जुल्म ढाने के बाद तीन तलाक दे दिया। उसे अब भी अपने नशेड़ी पति से जान का खतरा बना हुआ है।
मंगलवार को अपनी मां के घर कार्बेट कालोनी गुलरघट्टी में पति द्वारा पीटे जाने से घायल रजिया अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहती है कि शादी के तीन चार माह बाद ही खताड़ी निवासी समीर अपना असली रूप दिखाने लगा था। नशे की हालत में मारपीट कर घर का सामान फेंक देता था।
पीटते-पीटते सीढ़ियों से धक्का दे दिया
वह काम धंधा न कर सुबह घर से चला जाता था और नशे की हालत में शाम को लौटता था। घर में खाना बनाने को अनाज तक नहीं होता था। एक दिन का खाना तीन दिन चलाना पड़ता था थोड़ा-थोड़ा खाकर।
यह सब दुख दर्द वह अपनी विधवा मां और चाचा ताहिर की इज्जत की वजह से अकेले ही झेलती रही। शादी को लगभग एक साल हो चुका था, उसे उम्मीद थी कि कभी न कभी उसके पति का नजरिया बदलेगा। मां एक फैक्ट्री में काम करती है और कर्ज लेकर उसकी शादी की थी।
बीते सोमवार को पति ने पीटते-पीटते सीढ़ियों से धक्का दे दिया, जिससे उसे काफी चोटें आईं। इसके बाद तीन तलाक बोलकर घर से निकाल दिया। रोते हुये रजिया ने आरोप लगाया कि सास, ससुर, देवर भी पति को भड़काते थे।
निकाह की रसीद भी फाड़ दी
रजिया की मां हसीना ने बताया कि उसने कर्जा लेकर शादी करवाई। उसकी चार लड़कियां व एक बेटा है। दो की शादी कर दी थी, अब घर में एक बेटा व एक बेटी है। पति को मरे हुए पांच साल हो गए हैं। हमेशा राशन भेजने के साथ ही खर्च चलाने के लिए भी वह पैसा भेजा करती थी। लेकिन आये दिन मांग बढ़ती जा रही थी।
वह बेटी को तीन तलाक देने के बाद धमकी भी देकर गया है कि तुम दोनों को देख लूंगा। इससे वह डरे सहमे हैं। हसीना ने बताया कि उसने निकाह की रसीद भी फाड़ दी है। उसने आक्रोशित होकर कहा कि अब दान दहेज जो दिया था उसके साथ 25 हजार मेहर की रकम भी वापस ली जाएगी। उन्होंने कहा कि न्याय दिलाना जरूरी है जिससे किसी और लड़की के साथ ऐसा न हो।
इमाम मौलाना हसन रजा मिस्वाही ने कहा कि मजहबे इस्लाम में हर तरह का नशा हराम है। इससे नशा करने वाले का घर बिगड़ता है और उसके दुनियावी रिश्ते खराब होते हैं। जब तक उसे होश आता है तब तक काफी देर हो चुकी होती है। इसलिए उनकी गुजारिश है कि वो नशे से दूर रहें।