हरीश रावत के जिस बयान को लेकर महाराज की नाराजगी बताई जा रही है, रावत ने उस बयान को खारिज किया।
उत्तराखंड के सीएम हरीश रावत ने रविवार को कहा कि सतपाल महाराज और विजय बहुगुणा ने चुनाव लड़ने से इनकार नहीं किया है।
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उन्होंने न तो मेरे सामने मना किया और न ही हाईकमान से कहा है। दोनों नेता लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।
महाराज पर कसा ताना
उन्होंने कहा कि मुझे पता नहीं कि आकाशवाणी का कौन सा चैनल है, जिससे महाराज को यह पता चला कि मैंने तीन सीटें ही जिताने की बात की है। आप को पता लगे तो मुझे भी बताइएगा।
बेटे-बेटी का नंबर सबसे बाद में
रावत के मुताबिक हरिद्वार में समन्वय बनाने की कोशिश की जा रही है। कोशिश है कि हरिद्वार को जानने-समझने वाले स्थानीय कांग्रेसी को ही टिकट दिया जाए।
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दूसरा तरीका यह भी है कि स्थानीय स्तर पर किसी व्यक्ति का नाम सामने आए। इन दो विकल्पों के खारिज हो जाने के बाद ही उनके बेटे या बेटी के नाम पर विचार किया जा सकता है।
बहुगुणा हैं पहली पसंद
टिहरी सीट पर हरीश रावत ने पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को पहली पसंद करार दिया और कहा कि साकेत भी बेहतर उम्मीदवार हैं। रावत ने कहा कि विजय बहुगुणा, सतपाल महाराज स्थापित नेता हैं।
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इनके बारे में हाईकमान को फैसला करना है। कांग्रेस तय कर चुकी है कि होली के बाद अधिकतम 22 मार्च तक कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी जाएगी।
कभी नहीं दिया ऐसा बयान
महाराज की नाराजगी के सवाल पर कहा कि मैंने कभी हाईकमान से यह नहीं कहा कि तीन सीटों को जिताने की जिम्मेदारी उनकी है और पौड़ी, टिहरी के बारे में वे कुछ नहीं कह सकते। एक मुख्यमंत्री के लिए यह कहना संभव ही नहीं है। कहा कि वे महाराज के संपर्क में हैं।
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शनिवार रात को ही उनकी महाराज से फोन पर बात हुई थी। महाराज की नाराजगी के किस्से सिर्फ मीडिया में हैं। महाराज से बात करके उन्हें ऐसा नहीं लगा।
एनडी तिवारी के चुनाव लड़ने के सवाल पर रावत चुप्पी साध गए। उन्होंने इतना जरूर कहा कि तिवारी कांग्रेस के प्रतिष्ठित नेता हैं।