बायोमीट्रिक सिस्टम पर फिंगर प्रिंट से राशन प्राप्त कर सकते हैं। राशन कार्ड ऑनलाइन होने से उपभोक्ताओं को बैंक खातों की तर्ज पर राशन की डिटेल मिल सकेगी। जिससे उपभोक्ताओं को यह पता चल सकेगा, किस माह उसने कितना सस्ता राशन लिया।
प्रदेश में वर्तमान में 23 लाख राशन कार्ड धारक हैं। केंद्र के निर्देश पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने अब तक 96 प्रतिशत कार्डों का डाटा ऑनलाइन फीड कर दिया है। इसमें 95 प्रतिशत कार्डों में आधार कार्ड नंबर फीड किया गया। लेकिन यूडीआई से 37 प्रतिशत कार्डों का सत्यापन हुआ है।
प्रदेश में 9200 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से 23 लाख उपभोक्ताओं को सस्ता राशन मिलता है। सात हजार विक्रेताओं को विभाग ने बायोमेट्रिक मशीनें दी है। लेकिन अभी तक इसका इस्तेमाल नहीं हो रहा है। अब विभाग बायोमीट्रिक मशीन के इस्तेमाल करने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के साथ एमओयू करेगा।