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ऑल वेदर रोड निर्माण के दौरान भूस्खलन होने से 6 घंटे बंद रहा गंगोत्री हाईवे

Sun, 07 Jul 2019 08:46 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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गंगोत्री हाईवे पर आया मलबा - फोटो : अमर उजाला
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बारिश ने बड़ेथी चुंगी में ऑल वेदर रोड के तहत चल रहे करोड़ों रुपये लागत से ट्रीटमेंट कार्य की पोल खोलकर रख दी है। ट्रीटमेंट वाला हिस्सा दरकने से यहां फिर भूस्खलन सक्रिय हो गया है, जिससे रविवार को करीब छह घंटे तक गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध रहा। निर्माण कंपनी के अधिकारी शनिवार रात आए भूकंप को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। ऐसे में भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे ट्रीटमेंट कार्य के औचित्य पर ही सवाल उठने लगे हैं।

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बड़ेथी चुंगी के पास सक्रिय भूस्खलन वर्षों से गंगोत्री हाईवे के लिए नासूर बना हुआ था। इस स्थिति को देखते हुए ऑल वेदर रोड के तहत इस हिस्से का करीब 28 करोड़ रुपये लागत से ट्रीटमेंट कराया जा रहा है। करीब दो वर्ष से चल रहा ट्रीटमेंट कार्य लगभग पूरा हो चुका है। बीते चार जुलाई को मानसून की पहली बरसात में ही ट्रीटमेंट का एक हिस्सा ध्वस्त हो गया। साथ ही ट्रीटमेंट से सटे हिस्से में भूस्खलन सक्रिय होने से गंगोत्री हाईवे करीब पांच घंटे तक अवरुद्ध रहा था।

 

चार जुलाई के बाद से जिला मुख्यालय क्षेत्र में बारिश नहीं होने से फिलहाल इस हिस्से में राहत बनी हुई थी, लेकिन रविवार सुबह नौ बजे इस हिस्से में बिना बारिश के भूस्खलन होने से एक बार फिर गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गया। दोपहर करीब तीन बजे यहां मलबा हटाकर यातायात बहाल किया जा सका। इस दौरान गंगोत्री हाईवे का ट्रैफिक मनेरा बाईपास होते हुए डाइवर्ट किया गया। बिना बारिश के ही हाईवे बाधित होने से स्थानीय लोगों में रोष है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान भूस्खलन होना आम है, लेकिन ऑल वेदर रोड के तहत करोड़ों रुपये लागत से ट्रीटमेंट के बाद भी भूस्खलन होने से निर्माण की घटिया गुणवत्ता उजागर हो रही है। इस संबंध में ट्रीटमेंट कार्य कर रही कंपनी के साइट इंचार्ज सुमन झा का कहना है कि बीते शनिवार रात को आए भूकंप से पहाड़ी के ऊपर स्थित पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे बहे पानी ने ट्रीटमेंट का करीब 20 से 25 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। क्षतिग्रस्त हिस्से पर दोबारा ट्रीटमेंट कार्य किया जा रहा है।

बड़ेथी चुंगी के पास चल रहा ट्रीटमेंट कार्य क्षतिग्रस्त होने की जांच के लिए एडीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। इसमें लोनिवि के अधीक्षण अभियंता, एसडीएम भटवाड़ी और आपदा प्रबंधन अधिकारी को शामिल किया है। कमेटी इसकी जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। इस हिस्से की जांच के लिए भूवैज्ञानिकों की सलाह भी ली जा रही है।
डा. आशीष चौहान, डीएम उत्तरकाशी
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डूबते युवक को बचाया

मनेरी बैराज झील के पास गंगा भागीरथी में मछली पकड़ने गया नेपाली युवक नदी में पानी बढ़ने पर बीच में फंस गया। पुलिस एवं एसडीआरएफ की टीम ने भारी मशक्कत कर युवक को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया।

शनिवार सुबह करीब 9 बजे गंगोत्री हाईवे से लगे मनेरी में बैराज जलाशय के पास राज परिहार पुत्र लाल बहादुर गंगा भागीरथी में मछली पकड़ने गया था। अचानक नदी में पानी बढ़ने पर वह नदी के बीच ही फंस गया।

सूचना मिलते ही मनेरी के थानाध्यक्ष खुशीराम पांडे और एसडीआरएफ के एसआई राजेंद्र बिष्ट के नेतृत्व में पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। नदी का बहाव तेज होने के कारण  युवक को बाहर निकालने की स्थिति नहीं बन पा रही थी। इसके बावजूद पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने रेस्क्यू अभियान चलाकर करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित नदी से बाहर निकाला।
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